नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने काशी की ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा के शाही ईदगाह मामले को हिंदू और मुस्लिम पक्ष की आपसी बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन दोनों पक्षों ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। दोनों पक्षों ने कहा है कि वे इस मामले को अदालत में ही सुलझाएंगे। अदालत ने कहा था कि दोनों पक्ष अगर बातचीत के जरिए सुलह के लिए तैयार होते हैं तो लोक अदालत में इसे सुलझा लिया जाए।
सोमवार को वाराणसी में दोनों पक्षों की बैठक हुई। लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। ये मामला बनारस की ज्ञानवापी मस्जिद, मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि व शाही ईदगाह और संभल की शाही जामा मस्जिद से विवाद से जुड़े हैं। खबरों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए ‘समाधान समारोह 2026’ पहल के तहत चिट्ठी भेज कर मध्यस्थता का प्रस्ताव दिया था और दोनों पक्षों से सहमति मांगी थी। किसी भी पक्ष ने इसके लिए सहमति नहीं दी।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट परिसर में 21 से 23 अगस्त तक ‘समाधान समारोह’ के तहत विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इसका मकसद लंबी कानूनी लड़ाई के बजाय बातचीत के जरिए हल निकालना है। अगर दोनों पक्ष तैयार हो जाते तो अगस्त में लोक अदालत में इस मामले का निपटारा किया जाता। गौरतलब है कि बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर के बगल में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर लंबे समय से विवाद चल रह है। तो मथुरा में भी मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान के पास स्थित शाही ईदगाह मस्जिद को लेकर विवाद है।
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