नई दिल्ली। कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर विवाद तेज हो गया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अब खुल कर लड़ने लगे हैं। शिवकुमार ने गुरुवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में वादे का सम्मान करने और वॉक द टॉक की बात कही थी, जिसके जवाब में सिद्धारमैया ने एक पोस्ट लिख कर कहा कि सिर्फ बातों से काम नहीं चलता है और उनकी सरकार वॉक द टॉक कर रही है। गुरुवार को शिवकुमार ने भी इसका भी जवाब दिया और सिद्धारमैया के सामने एक सरकारी कार्यक्रम के मंच से कहा कि सरकार जो काम कर रही है वह वे और मुख्यमंत्री दोनों कर रहे हैं।
शिवकुमार ने कहा कि सोनिया गांधी ने उनको प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बना कर भेजा था और उन्होंने सिद्धारमैया के साथ मिल कर एजेंडा तय किया था, जिस पर अमल हो रहा है। इतना ही नहीं शुक्रवार को बेंगलुरु में एक सरकारी कार्यक्रम में डीके शिवकुमार ने कहा कि 2004 में सोनिया गांधी प्रधानमंत्री बन सकती थीं, लेकिन उन्होंने खुद यह मौका छोड़कर मनमोहन सिंह को जिम्मेदारी दी। उनका यह बयान साफ संकेत था कि वे त्याग और जिम्मेदारी बांटने की बात कर रहे हैं। हालांकि सिद्धारमैया कोई त्याग करने को तैयार नहीं हैं।
इस बीच खबर है कि बताया जा रहा है कि शनिवार को कांग्रेस आलाकमान के साथ दोनों नेताओं की बैठक हो सकती है। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। जानकार सूत्रों के मुताबिक दुबई की यात्रा पर गईं सोनिया गांधी शनिवार को लौट रही हैं। उसके बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के साथ बैठक होगी। दो दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि सोनिया और राहुल गांधी के साथ मिल कर वे इस विवाद को सुलझाएंगे।


