पुणे। अजित पवार का अंतिम संस्कार गुरुवार को बारामती में किया जाएगा। सुबह 11 बजे विद्या प्रतिष्ठान संस्थान में उनका अंतिम संस्कार किए जाने की संभावना है। इससे पहले गुरुवार को सुबह नौ बजे अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। उनके अंतिम संस्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों शामिल हो सकते हैं। दोनों नेताओं के गुरुवार को बारामती पहुंचने की खबर है। बुधवार की शाम को अजित पवार का पार्थिव शरीर उनके अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा गया।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजित पवार के चाचा शरद पवार से बात की और उनके निधन पर शोक जताया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया में दो पोस्ट के साथ दो फोटो शेयर करते हुए अजित पवार के निधन पर शोक जताया। मोदी ने उनको कर्मठ और जनता के लिए काम करने वाला नेता बताया। प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली में एनसीसी की परेड में कैडेट्स को संबोधित करते हुए भी अजित पवार को श्रद्धांजलि दी। मोदी ने कहा कि अजित पवार ने महाराष्ट्र और देश के विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया।
बहरहाल, शरद पवार बुधवार को मुंबई में थे और हादसे की सूचना के बाद वे बारामती पहुंचे। वे अस्पताल में भी गए. जहां अजित पवार सहित सभी मृतकों के शव रखे हुए थे। महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार से बारामती अस्पताल में मुलाकात की। नागरिक विमानन मंत्री राममोहन नायडू और राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल भी पुणे पहुंचे हैं। दोनों अजित पवार के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
गौरतलब है कि अजित पवार की पार्टी एनसीपी भाजपा और शिवसेना के साथ महायुति की महाराष्ट्र सरकार में शामिल है। उन्हें मिलाकर पार्टी के कुल 41 विधायक थे। वे उप मुख्यमंत्री थे और उनके अलावा सात कैबिनेट व एक राज्य मंत्री हैं। उन्होंने अपना चाचा शरद पवार की पार्टी के विधायकों को तोड़ कर अपने साथ किया था और बाद में उनकी पार्टी को ही असली एनसीपी का दर्जा मिला। हालांकि स्थानीय निकाय चुनाव में कई जगह चाचा और भतीजे की पार्टी एक साथ चुनाव लड़ी। उसके बाद दोनों पार्टियों के विलय की बात हो रही थी।


