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संसद में सरकार ने इथेनॉल का बचाव किया

नई दिल्ली। अभी तक सरकार मीडिया के सामने दावा करती थी कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से गाड़ियों पर कोई असर नहीं पड़ता। सोमवार को उसने संसद में यह दावा किया। सरकार ने कहा है कि इथेनॉल मिश्रित ई-20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन खराब नहीं होते हैं। सरकार ने कहा कि ई-20 फ्यूल से गाड़ियों के इंजन खराब होने या उनके अचानक बंद होने की कोई पुख्ता रिपोर्ट नहीं है। सरकार ने सोमवार, 20 जुलाई को राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि देश भर में चल रही करोड़ों गाड़ियों के चलाने के अनुभवों और कई वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर यह निष्कर्ष निकला है कि इथेनॉल से गाड़ियों के इंजन पर असर नहीं होता है। सुरेश गोपी ने कहा कि देश में 20 करोड़ से ज्यादा दोपहिया और तीन करोड़ से अधिक पेट्रोल कारें फिलहाल इथेनॉल मिश्रित ईंधन पर चल रही हैं। इनमें बड़ी संख्या उन पुरानी गाड़ियों की भी है, जिन्हें ई-20 सर्टिफिकेशन मिलने से पहले बनाया गया था।

सरकार ने सोमवार को संसद में बताया कि इन सभी गाड़ियों के डेटा और सर्विस रिकॉर्ड देखने के बाद भी इथेनॉल मिश्रण के कारण इंजन फेल होने या किसी बड़े व्हीकल ब्रेकडाउन की कोई पुख्ता पुष्टि नहीं हुई है।

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By NI Desk

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