मुंबई। वैश्विक बाजारों में व्यापक बिकवाली और अमेरिकी शुल्क बढ़ाए जाने की आशंका के बीच बृहस्पतिवार को घरेलू शेयर बाजारों में लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 780 अंक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 264 अंक टूटकर 26,000 के नीचे आ गया।
विश्लेषकों के अनुसार, धातु, तेल एवं गैस और जिंस शेयरों में भारी बिकवाली तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निरंतर निकासी ने बाजार पर दबाव बनाए रखा। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 780.18 अंक यानी 0.92 प्रतिशत गिरकर 84,180.96 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 851.04 अंक तक लुढ़ककर 84,110.10 के स्तर तक पहुंच गया था।
बीएसई पर कुल 3,158 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 1,039 शेयरों में बढ़त हुई और 170 शेयर अपरिवर्तित रहे। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 263.90 अंक यानी 1.01 प्रतिशत टूटकर 25,876.85 अंक पर बंद हुआ।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (अनुसंधान) अजीत मिश्रा ने कहा, “बढ़ते भौगोलिक तनावों और वैश्विक व्यापार संबंधी चिंताओं के बीच बाजार का रुख कमजोर हुआ। इससे कुल मिलाकर जोखिम उठाने की प्रवृत्ति प्रभावित हुई। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और रुपये की कमजोरी ने नकारात्मक रुझान को और तेज किया। वैश्विक संकेत मिले-जुले रहे और वित्तीय नतीजों के आने के साथ कारोबारी गतिविधि सतर्क रही।”


