नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में सोमवार, चार मई को वोटों की गिनती होगी। बंगाल की 294 सीटों पर मतदान संपन्न होने के पांच दिन बाद, तमिलनाडु की 234 सीटों के लिए मतदान के 11 दिन बाद और पुडुचेरी, केरल व असम में मतदान के 25 दिन के बाद मतगणना होगी। चुनाव आयोग ने पांचों राज्यों में वोटों की गिनती की तैयारी पूरी कर ली है। हर मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर हर मतगणना केंद्र में पर्यवेक्षक के तौर पर केंद्र सरकार के या सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारी मौजूद रहेंगे।
मतगणना सुबह आठ बजे शुरू होगी और पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी। इसके आधे घंटे बाद साढ़े आठ बजे से इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम की गिनती होगी। चुनाव आयोग ने वोटों की गिनती के नियमों में बदलाव किया है, जिसके मुताबिक पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी होने से पहले ईवीएम के वोटों की गिनती नहीं पूरी की जाएगी। अगर पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी नहीं हुई है तो ईवीएम के आखिरी राउंड की गिनती रोक दी जाएगी।
बहरहाल, तमिलनाडु की 234 सीटों के लिए 23 अप्रैल को वोट डाले गए थे। केरल की 140 विधानसभा सीटों, पुडुचेरी की 30 और असम की 126 सीटों के लिए नौ अप्रैल को मतदान हुआ था और तब से वोटों की गिनती का इंतजार हो रहा है। 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में दूसरे और आखिरी चरण के मतदान के बाद एक्जिट पोल करने वाली एजेंसियों ने अपने अनुमान जाहिर किए। इन अनुमानों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी चुनाव हार सकती हैं और पहली बार भाजपा की सरकार बन सकती है। हालांकि प्रादेशिक बांग्ला मीडिया अब भी ममता बनर्जी की जीत के दावे कर रहा है।
जहां तक बाकी राज्यों का सवाल है तो एक्जिट पोल अनुमानों में तमिलनाडु में एक बार फिर एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार की वापसी की संभावना जताई गई है। इसी तरह पुडुचेरी में एनआर कांग्रेस के रंगास्वामी के नेतृत्व वाले एनडीए की फिर से जीत का अनुमान लगाया है। असम में पहले से ज्यादा वोट के साथ हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की वापसी की संभावना है। हालांकि केरल में सत्ता परिवर्तन का अनुमान जताया गया है। केरल में सीपीएम के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार की जगह कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार बनने की संभावना एक्जिट पोल अनुमानों में जताई गई है। हालांकि सभी पार्टियों ने अनुमानों पर सवाल उठाते हुए अपनी अपनी जीत के दावे किए हैं।


