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राजस्थान, मध्य प्रदेश में बढ़ी राजनीतिक हलचल

ByNI Desk,
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जयपुर/भोपाल। चार राज्यों में वोटों की गिनती से एक दिन पहले शनिवार को राजस्थान और मध्य प्रदेश में दिन भर सियासी हलचल चलती रही। पांच राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद आए एक्जिट पोल की वजह से सबसे ज्यादा सस्पेंस इन दो राज्यों में बना है। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में कांग्रेस की पूर्ण बहुमत की सरकार आने की संभावना है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के साथ साथ बागी होकर चुनाव लड़े कुछ निर्दलीय प्रत्याशियों से भी मुलाकात की है। कांग्रेस आलाकमान ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को राजस्थान में चुनाव बाद के हालात संभालने की जिम्मेदारी दी है।

इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता वसुंधरा राजे शनिवार को देव दर्शन के लिए निकलीं। उन्होंने सुबह में मोती डूंगरी मंदिर में पूजा कीं और फिर मेहंदीपुर बालाजी की भी पूजा अर्चना की। वे किसी भी बड़े काम से पहले देव दर्शन करती हैं। बहरहाल, उन्होंने शुक्रवार को राज्यपाल कलराज मिश्र से भेंट की थी और आरएसएस के कार्यालय में भी गई थीं। बताया जा रहा है कि उनको पार्टी आलाकमान की ओर से कुछ संदेश मिला है। जानकार सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस और भाजपा दोनों की ओर से विधायकों की बाड़ेबंदी की तैयारी है। अगर त्रिशंकु विधानसभा बनती है तो निर्दलीय और छोटी पार्टियों के विधायकों को अपने साथ लाने की होड़ मचेगी।

इस बीच कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने विधायकों की बाड़ेबंदी की तैयारी करने की खबरों का खंडन किया है। उन्होंने शनिवार को बताया कि उन्हें राजस्थान और तेलंगाना सहित चार राज्यों के कांग्रेस उम्मीदवारों को नतीजों से पहले कर्नाटक के रिसॉर्ट और होटलों में बाड़ेबंदी के लिए नहीं कहा गया है। शिवकुमार ने बेंगलुरु में मीडिया से कहा- किसी ने मुझे कोई जिम्मेदारी नहीं दी है, न ही बुलाया है। एक सवाल के जवाब में शिवकुमार ने कहा कि अगर गुजरात जैसी स्थिति बनी तो पार्टी उनसे जो भी कहेगी, वह करेंगे।

मध्य प्रदेश में भी शुक्रवार से हलचल बढ़ी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शुक्रवार को ग्वालियर पहुंचे और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ काफी समय बिताया। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अकेले कमान संभाले हुए हैं लेकिन पार्टी आलाकमान की ओर से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को राजधानी भोपाल में रहने को कहा गया है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर भी भोपाल में रहेंगे। कांग्रेस की ओर से कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और रणदीप सुरजेवाला कमान संभाल रहे हैं।

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