चुनाव आयोग ने किया उपचुनावों का ऐलान

मध्य प्रदेश सरकार के लिए जीवन-मरण का सबब बनी 28 विधानसभा सीटों सहित देश के 10 राज्यों की 56 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान कर दिया गया है।

सारे उपचुनाव क्या सितंबर में?

चुनाव आयोग ने कई उपचुनाव टाल दिए हैं, जिसके बाद इस बात की अटकलें लगाई जाने लगीं कि बिहार में विधानसभा का चुनाव होगा या नहीं या मध्य प्रदेश में जो सीटें खाली हुई हैं उनका क्या होगा, पर जानकार सूत्रों के मुताबिक सारे उपचुनाव एक साथ सितंबर में होंगे।

कांग्रेसी कुनबा कमलनाथ से नहीं संभल रहा

कांग्रेस आलाकमान ने कमलनाथ को नेता प्रतिपक्ष बनाने की हरी झंडी दे दी है। वे प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पहले से हैं। फिर भी राज्य में कांग्रेस पार्टी का कुनबा संभल नहीं रहा है।

सबकुछ मजदूर संकट में बदल गया

कहां तो भारत को कोरोना वायरस से लड़ना था और कहां अब सारी लड़ाई मजदूरों के संकट को दूर करने में बदल गई है।

मजदूरों को मदद नहीं हक दीजिए

देश के राजमार्गों पर 40 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में, जेठ की भरी दोपहरी में पैदल चल रहे हजारों, लाखों लोग भिखारी नहीं मजदूर हैं, जिन्होंने यह दुनिया बनाई है।

मध्य प्रदेश के लेकर कांग्रेस की झूठी उम्मीदें

मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बेबाकी से स्वीकार किया है कि उनको अंदाजा नहीं था कि 22 विधायक टूट जाएंगे। आमतौर पर नेता अपनी गलती या विफलता स्वीकार नहीं करते हैं।

उमा भारती क्या फिर राजनीति में आएंगी?

भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती क्या फिर से सक्रिय राजनीति में उतरना चाहती हैं? इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। गौरतलब है कि उन्होंने लोकसभा का पिछला चुनाव नहीं लड़ा था।

कांग्रेस हो सकेगी कोरोना मुक्त?

नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च का जनता कर्फ्यू का जब आह्वान किया था तो सारा देश शाम 5 बजे इस संकट की घड़ी ने जनता की सेवा करने वालों का आभार करने के लिए तालियाँ, थालियाँ और घंटियां शंख बजा रहा था। शरद पवार मुम्बई में, नवीन पटनायक भुवनेश्वर में , केसीआर और जगनमोहन रेड्डी हैदराबाद में इस हवन में शामिल थे। सिर्फ सोनिया गांधी और राहुल गांधी कहीं दिखाई नहीं दिए। हालांकि खुद राहुल गांधी में फरवरी मध्य में देश को इस खतरे से आगाह किया था। उन्हें तब तक यह नहीं पता था कि कोरोना वायरस उन की एक राज्य सरकार निगल लेगा। कोरोना वायरस छूआछूट की बीमारी है और सब जानते हैं कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस के खेमे हमेशा से छूआछूत से ग्रस्त रहे हैं। तब यह समझ आ रहा था कि दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य के बीच राज्यसभा की सुरक्षित सीट के लिए जंग चल रही है। राज्यसभा की तीन सीटें खाली हुई है , रिटायर होने वालों में कांग्रेस के दिग्विजय सिंह खुद और भाजपा के सत्य नारायण जटिया व प्रभात झा हैं। जीतने के लिए हर उम्मीदवार को 58 विधायकों का समर्थन चाहिए था , कांग्रेस के अपने 114 विधायक थे , यानी कांग्रेस… Continue reading कांग्रेस हो सकेगी कोरोना मुक्त?

कांग्रेस के पुराने नेताओं को झटका

मध्य प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रम से कांग्रेस के पुराने नेताओं को जोर का झटका लगा है। लोकसभा चुनाव के बाद एक बार फिर कांग्रेस के पुराने नेता कमान में लौट आए थे। राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद कांग्रेस के पुराने नेताओं ने कामकाज संभाला हुआ था। राहुल के चुने एकाध लोगों को छोड़ कर पार्टी के कामकाज में सब कुछ सोनिया गांधी के करीबी पुराने नेताओं के हाथ में था। पर वे राहुल की युवा ब्रिगेड के एक सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत को नहीं संभाल सके और मध्य प्रदेश की पूर्ण बहुमत वाली सरकार गिर गई। यह कांग्रेस के पुराने और मंजे हुए धाकड़ नेताओं के लिए बड़ा झटका है। इसके बाद से राहुल के करीबी नेता सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने पुराने नेताओं की प्रबंधन क्षमता पर सवाल उठाए हैं। इसके बाद ही राहुल गांधी के फिर से कांग्रेस अध्यक्ष बनने का शोर तेज हुआ है। पर मुश्किल यह है कि कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने की वजह से सारे राजनीतिक और सामाजिक कामकाज ठप्प पड़े हैं। ऐसे में कांग्रेस का संभावित अधिवेशन भी टलता दिख रहा है। इसलिए पार्टी के पुराने नेताओं को अपनी स्थिति संभालने के लिए थोड़ा समय और मिल गया… Continue reading कांग्रेस के पुराने नेताओं को झटका

मध्यप्रदेश की राजनीति पर किताब

रिपोर्टर डायरी लिखने का सारा श्रेय हरिशंकर व्यासजी को जाता है। जब मैं पत्रकारिता करते समय उन्हें किस्से कहानियां सुनाता था तब वे जोर देकर मुझसे कहते थे कि इन्हें लिपिबद्ध करना शुरु कर दो और ऐसा नहीं किया तो तुम यह सब वक्त के साथ भूलोंगे और दिमाग की उर्वरता को जाया करोगे, हिंदी पाठक तुम्हारी बातों से वंचित रह जाएंगा। और मैंने जनसत्ता में रहते हुए ही बिना अपने नाम के यह डायरी लिखना शुरु कर दी क्योंकि व्यासजी के जाने के बाद वहां आने वाला लगभग हर संपादक तो मानो मेरी जान का दुश्मन था व वे मुझे ऐसा करने की इजाजत नहीं देते। हाल ही में जब युवा पत्रकार ब्रजेश राजपूत को अपनी पत्रकारिता के अनुभवों को लिपिबद्ध करते देखा तो मुझे बहुत अच्छा लगा क्योंकि समय रहते ही उन्होंने तमाम .जानकारियों और विवरणों को पुस्तक के रुप में रखकर उन्हें एक दस्तावेज बना दिया है। उन्होंने मध्यप्रदेश के विधानसभा व लोकसभा चुनाव के बाद अपनी पुस्तक ‘चुनाव है बदलाव का’ प्रकाशित की है। उन्होंने इससे पहले अपनी पहली किताब चुनाव, राजनीति रिपोर्टिंगः मध्यप्रदेश चुनाव लिखी थी जो कि 2015 में आयी थी। मध्यप्रदेश के चुनाव इतिहास में पंद्रहवी विधानसभा के चुनाव हमेशा याद रखा जाएगा… Continue reading मध्यप्रदेश की राजनीति पर किताब

छात्रा ने बनाया हवा वाला छाता!

भोपाल। कुछ नया करने की धुन में एक छात्रा ने ऐसा छाता तैयार किया जो कि लोगों द्वारा काफी पंसद किया जा रहा है। भोपाल में एक स्कूली छात्रा ने ऐसा छाता तैयार किया है, जो धूप और बारिश से तो बचाएगा ही, जरूरत पड़ने पर यह छाता हवा भी देगा। इस छाते को कुछ इस तरह से तैयार किया गया है कि इसमें रोशनी के लिए टार्च और हवा के लिए पंखा लगा हुआ है। राजधानी के सेंट जोसेफ को-एड स्कूल की छठी कक्षा की छात्रा रिया जैन (12) ने छाते में ऐसा नवाचार किया है, जिसकी कल्पना आसानी से की नहीं जा सकती है। यह छाता नहीं, बल्कि कई सुविधाओं का यंत्र बन गया है। इसे तो वातानुकूलित छाता तक कहा जाने लगा है।रिया ने जो छाता बनाया है, उसकी विशेषता यह है कि इसमें रोशनी के लिए टार्च, गर्मी से बचने के लिए पंखा और जीपीएस सिस्टम लगा हुआ है। छाते में जो बैटरी लगाई गई है, उसे चार्ज करने के लिए छाते के ऊपर ही एक सोलर प्लेट भी है। यह प्लेट धूप में बैटरी को चार्ज करती है, जिससे पंखा और टार्च अपना काम करते हैं। रिया जैन बताती है कि उन्हें विज्ञान में कुछ… Continue reading छात्रा ने बनाया हवा वाला छाता!

MPPSC से चयनित आवेदकों को जल्द मिलेंगे नियुक्ति पत्र

मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग MPPSC से चयनित सहायक प्राध्यापकों, ग्रंथपालों और क्रीड़ा अधिकारियों के नियुक्ति आदेश जल्द जारी होंगे। 

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