नई दिल्ली। अभी ठंड का मौसम नहीं आया है और न दिल्ली के आसपास के राज्यों में पराली जलाए जाने की शुरुआत हुई है लेकिन उससे पहले ही प्रदूषण से लड़ने के उपाय शुरू हो गए हैं। दिल्ली और एनसीआर में एक अक्टूबर से डीजल के जेनरेटर चलाने पर पाबंदी लगा दी गई है। दिल्ली और पूरे एनसीआर में डीजल के जेनरेटर नहीं चलाए जा सकेंगे। इसके साथ ही दिल्ली और गुरुग्राम सहित पूरे एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी जीआरएपी का पहला चरण लागू करने का ऐलान भी कर दिया गया है।
गौरतलब है कि प्रदूषण रोकने के लिए जीआरएपी के चार चरण बनाए गए हैं, जो प्रदूषण की मात्रा बढ़ने के साथ लागू किए जाते हैं। पहले चरण में निर्माण और तोड़-फोड़ को लेकर निर्देश जारी किए जाते हैं। एक अक्टूबर से जीआरएपी का पहला चरण लागू होगा। इसके साथ ही डीजल के जेनरेटर सेट पर भी रोक लग जाएगी। इसके बाद जैसे-जैसे प्रदूषण बढ़ेगा, पाबंदियां सख्त होती चली जाएंगी।
गौरतलब है कि इस साल जून में में कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट यानी सीएक्यूएम का एक निर्देश आया था, जिसमें 30 सितंबर तक वैकल्पिक इंतजाम के लिए कहा गया था। पिछले साल कई सेक्टरों में रियायत दी गई थी। लगातार डुअल मोड फ्यूल यानी कि इस तरीके का जेनरेटर सेट लगाने के लिए कहा गया जो कि गैस से भी चलता हो और डीजल से भी। लेकिन इस साल पूरी तरह से पाबंदी लगाने का फैसला किया गया है।
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