बेंगलुरू। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, इसर ने भारत के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन गगनयान के पहली टेस्ट उड़ान का समय तय कर दिया है। गगनयान क्रू एस्केप सिस्टम की टेस्टिंग 21 अक्टूबर को सुबह सात से नौ बजे के बीच होगी। इसके तहत मिशन के दौरान रॉकेट में गड़बड़ी होने पर अंदर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर सुरक्षित लाने वाले सिस्टम की टेस्टिंग होगी। गगनयान मिशन के टेस्ट व्हीकल अबॉर्ट मिशन-1 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया जाएगा।
इस उड़ान में तीन हिस्से होंगे- अबॉर्ट मिशन के लिए बनाया सिंगल स्टेज लिक्विड रॉकेट, क्रू मॉड्यूल और क्रू एस्केप सिस्टम। क्रू मॉड्यूल के अंदर का वातावरण अभी वैसा नहीं होगा, जैसा मानव मिशन में होगा। इससे पहले इसरो ने गगनयान मिशन के लिए ड्रैग पैराशूट का सफल परीक्षण आठ से 10 अगस्त के बीच चंडीगढ़ में किया था। ये पैराशूट एस्ट्रोनॉट्स की सेफ लैंडिंग में मदद करेगा। यह क्रू मॉड्यूल की स्पीड को कम करेगा, साथ ही उसे स्थिर भी रखेगा।
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