वाराणसी। आईआईटी-बीएचयू में इंजीनियरिंग की छात्रा के साथ गैंगरेप करने के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के करीब दो महीने के बाद तीनों आरोपी पकड़े गए हैं। तीनों आरोपी भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं और पार्टी की आईटी सेल के पदाधिकारी हैं। पकड़े गए आरोपियों में कुणाल पांडेय भाजपा के वाराणसी आईटी सेल का महानगर संयोजक है, आनंद उर्फ अभिषेक चौहान आईटी सेल महानगर की कार्य समिति का सदस्य है और सक्षम पटेल आईटी सेल वाराणसी महानगर सह संयोजक है। दो आरोपियों, कुणाल पांडेय और सक्षम पटेल की भाजपा के राज्य के और केंद्र के बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें हैं, जो सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं।
पुलिस ने शनिवार को देर रात चेकिंग के दौरान तीनों आरोपियों को बाइक के साथ पकड़ा। आरोपियों ने एक नवंबर की आधी रात के बाद करीब डेढ़ बजे आईआटी-बीएचयू में दोस्त के साथ जा रही छात्रा से गैंगरेप किया था। इतना ही नहीं, बंदूक की नोक पर छात्रा के कपड़े उतरवाकर वीडियो भी बनाए थे। इस घटना के बाद कई दिन तक यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। वारदात के आठवें दिन पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने गैंगरेप की धारा यानी 376 डी जोड़ी थी।
शुरुआती एफआईआर में कहा गया था, बुलेट मोटरसाइकिल से आए तीन लड़कों ने बंदूक की नोंक पर छात्रा के कपड़े उतरवाए और वीडियो बनाया। तब धारा 354 बी यानी कपड़े उतरवाना और 509 यानी धमकी देने की धारा में केस दर्ज हुआ था। बताया जा रहा है कि पुलिस ने सात नवंबर को छात्रा का बयान दर्ज किया था। इसके बाद 8 नवंबर को मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता के बयान हुए। तब केस में गैंगरेप की धारा जोड़ी गई। घटना के बाद दो नवंबर की सुबह छात्रा ने लंका थाने में शिकायती आवेदन दिया था।
जैसे ही छात्रों को घटना के बारे में पता चला, हजारों की संख्या में छात्रों ने राजपूताना हॉस्टल के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद देखते देखते भारी संख्या में छात्र विरोध में शामिल हो गए थे। छात्रों ने पूरा कैंपस बंद करा दिया था। पूरे कैंपस में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी। 11 घंटे छात्रों का धरना चला था। इसके बाद पुलिस और आईआईटी-बीएचयू के डायरेक्टर ने छात्रों के साथ बैठक की और उन्हें आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया था, जिसके बाद प्रदर्शन खत्म हुआ था।
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