तेल अवीव। इजराइली सेना ने 15 दिसंबर को गाजा में अपने ही तीन नागरिकों को गोली मार दी। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। इन तीनों नागरिकों को हमास ने सात अक्टूबर को बंधक बनाया था। इजराइली डिफेंस फोर्स, आईडीएफ ने कहा है- हम इस घटना की जिम्मेदारी लेते हैं। गाजा सिटी के शिजैया इलाके में एक ग्राउंड ऑपरेशन के दौरान सैनिकों को लगा कि ये लोग उनके लिए खतरा हैं। गोली मारने के बाद जब शवों के पास पहुंचे तो मारे गए लोगों की पहचान के बारे में संदेह हुआ। बाद में पता चला कि वो इजराइल के ही नागरिक हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है।
आईडीएफ के प्रवक्ता हगारी ने कहा- गाजा में एलोन शमरिज, योतम हैम और समेर अल-तलालका की मौत हो गई। हमें लगता है कि वो हमास की कैद से बचकर भागे थे। सात अक्टूबर को शुरू हुई जंग में अब तक गाजा के 18 हजार से ज्यादा फिलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। वहीं, हमास के हमले में 12 सौ इजराइली मारे गए। इस बीच खबर है कि इजराइल ने गाजा में मदद पहुंचाने के लिए अपना एक बॉर्डर खोलने का फैसला किया है। इजराइल ने कहा है- अब जरूरत का सामान केरेम शालोम सीमा से होते हुए गाजा पहुंच सकेगा। केरेम शालोम साउथ गाजा से लगने वाली इजराइली सीमा है।
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