राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

मणिपुर में हालात खराब-विपक्ष

इंफाल/नई दिल्ली। हिंसा प्रभावित मणिपुर के दौरे पर गए विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सांसदों ने कहा है कि राज्य में हालात ठीक नहीं हैं। विपक्षी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि अगर जल्दी ही वहां के हालात ठीक नहीं किए गए तो पूरे देश के लिए सुरक्षा समस्या पैदा हो सकती है। दो दिन का दौरा पूरा करके सांसद नई दिल्ली लौट आए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि उनकी चुप्पी से साफ पता चलता है कि उनको मणिपुर की परवाह नहीं है।

विपक्षी सांसदों ने हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया। वे चूराचांदपुर और विष्णुपुर में हिंसा पीड़ितों से मिले। उन्होंने राज्यपाल अनुसुइया उइके से भी मुलाकात की। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि अगर मणिपुर में जातीय संघर्ष की समस्या को जल्दी हल नहीं किया जाता है, तो इससे देश के लिए सुरक्षा समस्याएं पैदा हो सकती हैं। विपक्ष के 21 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को राजभवन में राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात की और उन्हें पूर्वोत्तर राज्य के मौजूदा हालात पर एक ज्ञापन सौंपा।

बैठक के बाद राजभवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में अधीर रंजन चौधरी ने कहा- राज्यपाल ने हमारी बातें सुनीं और उन पर सहमति जताईं। उन्होंने हिंसा की घटनाओं पर दुख व्यक्त किया और कहा कि समुदायों के बीच अविश्वास खत्म करने के लिए सभी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल को लोगों से बातचीत करने के वास्ते मणिपुर का दौरा करना चाहिए। अधीर रंजन ने बताया कि सांसदों ने मणिपुर में जो स्थिति देखी, उसके बारे में संसद में एक रिपोर्ट पेश करेंगे। उन्होंने कहा- हमने हर दिन बिगड़ते हालात के बीच संसद में मणिपुर पर चर्चा का अनुरोध किया है।

गौरतलब है कि विपक्ष पार्टियों के 21 सांसदों का एक प्रतिनिधमंडल जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए शनिवार को मणिपुर पहुंचा था। राज्य में करीब तीन महीन से हिंसा चल रही है और हजारों लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। विपक्षी सांसदों ने राज्य में चल रहे जातीय संघर्ष के पीड़ितों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने शनिवार को इंफाल के अलावा बिष्णुपुर जिले के मोइरांग और चुराचांदपुर में कई राहत शिविरों का दौरा किया और जातीय संघर्ष से प्रभावित लोगों से मुलाकात की।

By NI Desk

Under the visionary leadership of Harishankar Vyas, Shruti Vyas, and Ajit Dwivedi, the Nayaindia desk brings together a dynamic team dedicated to reporting on social and political issues worldwide.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

fifteen − 6 =

और पढ़ें