मणिपुर में अराजक मोड़
मणिपुर के बेकाबू हालात पर कोई राष्ट्रीय चिंता नजर नहीं आती। जबकि वहां पहले ही काफी सामाजिक बिखराव हो चुका है। उसके परिणामस्वरूप अब वहां के राजनीतिक एवं प्रशासनिक ढांचे भी गहरे दबाव में नजर आ गए हैं। मणिपुर में अराजकता जैसे हालात बनते दिख रहे हैं। रात का कर्फ्यू लागू होने के बावजूद हजारों लोग रोज मशाल जुलूस निकाल रहे हों और जहां-तहां छिटपुट हिंसा जारी हो, तो यही कहा जाएगा कि कानून-व्यवस्था की मशीनरी निष्प्रभावी हो चुकी है। सात अप्रैल को एक बम हमले में दो मैतेई बच्चों की मौत के बाद से राज्य में ऐसे हालात बने...