नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2024-25 के अंतरिम बजट में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी रक्षा बजट में की। हालांकि वह भी बहुत ज्यादा नहीं है लेकिन वित्त मंत्री ने अगले साल के बजट में पिछली बार के मुकाबले 3.4 फीसदी की बढ़ोतरी की है। अगले सरकार में सरकार को रक्षा खर्च के लिए 6.2 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं। यह पिछले साल के मुकाबले महज 27 हजार करोड़ रुपए ज्यादा है। सरकार ने पिछले साल रक्षा बजट के लिए 5.93 लाख करोड़ रुपए दिए थे। कुल बजट में इसकी हिस्सेदारी आठ फीसदी है।
अंतरिम बजट के भाषण में गुरुवार को निर्मला सीतारमण ने बताया कि रक्षा सेक्टर के लिए डीप-टेक टेक्नोलॉजी को मजबूत किया जाएगा। इसका मकसद हथियारों के लिए देश को आत्मनिर्भर बनाना है। डीप-टेक स्टार्ट अप के जरिए मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में रिसर्च की जाएगी फिर इसका इस्तेमाल रक्षा क्षेत्र में किया जाएगा।
सरकार ने अंतरिम बजट में रक्षा सेक्टर की हिस्सेदारी थोड़ी बढ़ाई है लेकिन जीडीपी के अनुपात में रक्षा सेक्टर का खर्च कम हो गया है। वित्त वर्ष 2021-22 में सरकार ने रक्षा सेक्टर पर जीडीपी का 2.9 फीसदी से थोड़ा ज्यादा हिस्सा खर्च किया। वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर यह 1.9 फीसदी हो गया। बहरहाल, सरकार ने इस साल तीनों सेनाओं के वेतन के लिए 2.82 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए हैं, जबकि हथियारों की खरीददारी के लिए 1.62 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं।
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