नई दिल्ली। पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने के मसले पर विधि आयोग की रिपोर्ट अभी तैयार नहीं है। 22वें विधि आयोग के अध्यक्ष ऋतुराज अवस्थी ने यह बात रामनाथ कोविंद कमेटी को बताई है। एक देश, एक चुनाव पर विचार के लिए बनी पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली कमेटी की बुधवार को दिल्ली के जोधपुर हॉस्टल में एक बैठक हुई। यह कमेटी की दूसरी बैठक थी। इससे पहले 23 सितंबर को पहली बैठक हुई थी, जिसमें तय किया गया था कि विधि आयोग, चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों से इस पर राय ली जाएगी।
बहरहाल, बुधवार की बैठक करीब डेढ़ घंटे चली। बताया जा रहा है कि बैठक में विधि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ऋतुराज अवस्थी ने कहा- एक देश एक चुनाव पर अभी रिपोर्ट तैयार नहीं है। फिलहाल रिपोर्ट पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा- हमने कमेटी के सदस्यों से एक साथ चुनाव कराने के कानूनी और संवैधानिक पैरामीटर पर चर्चा की है। उन्हें लागू करने में होने वाली अड़चनों के बारे में बताया है। फिलहाल इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। अगर हमें दोबारा बुलाया जाएगा तो जाएंगे।
इस बैठक में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद सहित अन्य नेता शामिल हुए थे। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल इस कमेटी के विशेष सचिव हैं। बताया जा रहा है कि इस मामले में विधि आयोग की सिफारिशों पर कमेटी आगे बढ़ेगी। विधि आयोग की एक बैठक 27 सितंबर को हुई थी, जिसमें एक देश, एक चुनाव पर चर्चा हुई थी। विधि आयोग का कहना है कि वह राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल बढ़ाकर या घटाकर सभी विधानसभा चुनावों एक साथ कराने के फॉर्मूले पर काम कर रहा है। अगर, सब ठीक रहा तो सभी राज्यों के चुनाव 2029 के लोकसभा चुनावों के साथ कराए जा सकते हैं।


