नई दिल्ली। संसद पर हुए हमले की बरसी के दिन यानी 13 दिसंबर को फिर से संसद की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर विपक्षी पार्टियों के नेता राष्ट्रपति से मिलने जाएंगे। इस मसले पर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नेताओं की गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के चैम्बर में मीटिंग हुई। इसमें राष्ट्रपति से मिलने का फैसला हुआ। उसके बाद तय हुआ कि विपक्षी दल राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगेंगे। विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे पर दोनों सदनों में अमित शाह के बयान की मांग भी कर रही हैं।
संसद की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा- संसद की सुरक्षा में चूक को लेकर गृह मंत्री अमित शाह को सदन में आकर बयान देना चाहिए। हमें दो-चार सवाल पूछने का मौका देना चाहिए। हमने एक दिन भी सदन की कार्यवाही में बाधा नहीं डाला है। सदन भाजपा का पार्टी ऑफिस नहीं है। सदन हम सबका है। क्या हमें कोई मांग करने का अधिकार नहीं है? राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा- यह चौंकाने वाली बात है। उन्होंने यही कल्चर डेवलप किया है। जैसे ही आप संसद में किसी बात का विरोध करते हैं, तो वे आपको बोलने नहीं देते। फिर हमारे सांसद होने और बहस में भाग लेने का क्या मतलब है।
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