इस्लामाबाद। पाकिस्तान में आम चुनाव के बाद बहुत धीमी रफ्तार से नतीजों की घोषणा हो रही है। चुनाव खत्म होने और वोटों की गिनती शुरू होने के 24 घंटे बाद यानी शुक्रवार को देर शाम तक चुनाव आयोग ने सिर्फ दो सौ सीटों के नतीजे घोषित किए थे। इनमें जेल में बंद इमरान खान की पार्टी पीटीआई समर्थक निर्दलियों को बढ़त है। पीटीआई समर्थक सबसे ज्यादा 92 सीटों पर जीते हैं। प्रधानमंत्री पद के लिए सेना की पसंद बताए जा रहे नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन को 59 और बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी को 44 सीटें मिली हैं। 12 सीटें अन्य के खाते में गई हैं।
गौरतलब है कि 336 सीटों वाली नेशनल असेंबली में 266 सीटों के लिए चुनाव होते हैं। लेकिन इस बार एक उम्मीदवार के निधन की वजह से 265 सीटों पर चुनाव हुए। बाकी 70 सीटें आरक्षित होती हैं, जो पार्टियों को उनके मिले वोट के अनुपात में मिल जाती हैं। इस चुनाव में नेशनल असेंबली में बहुमत का आंकड़ा 133 का है। वोटों की गिनती शुरू होने पर इमरान समर्थक एक सौ सीटों पर आगे चल रहे थे। लेकिन बाद में उनकी सीटें कम हो गईं। फिर भी उनके समर्थक सबसे ज्यादा सीटों पर आगे हैं। इसके बावजूद ऐसा लग रहा है कि कोई भी पार्टी 133 का आंकड़ा नहीं पार कर पाएगी।
इस बीच इमरान खान की पार्टी के समर्थक सड़कों पर उतर गए हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि धांधली के जरिए उनका जनादेश छीना जा रहा है। स्वात में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं, जहां पीटीआई कार्यकर्ता नतीजों को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। फायरिंग में चार लोगों के मारे जाने की खबर है। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जेल में हैं और उनके चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध है। उनकी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी के प्रत्याशी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं क्योंकि देश के सुप्रीम कोर्ट ने उनकी पार्टी को उसके चुनाव चिन्ह क्रिकेट के बैट से वंचित करने के चुनाव आयोग के फैसले को बरकरार रखा था। इसके बावजूद उनकी पार्टी के नेता निर्दलीय लड़े और मतदाताओं ने उन्हें बढ़त दी है।
पाकिस्तान में इस चुनाव के लिए दर्जनों दल मैदान में उतरे हैं लेकिन मुख्य मुकाबला इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ, तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन और बिलावल जरदारी भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी यानी पीपीपी के बीच है। नेशनल असेंबली के साथ साथ चार प्रांतीय असेंबली के चुनाव भी हुए हैं।
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