नई दिल्ली। संसद के विशेष सत्र के पहले दिन सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस नींव का पत्थर है। उसने इस देश में लोकतंत्र की बुनियादी डाली और उसे मजबूत किया। खड़गे ने सभापति से शिकायत करते हुए कहा कि सदन में विपक्ष को बोलने का मौका नहीं मिलता है। उन्होंने विपक्षी सांसदों के भाषण के दौरान संसद में लगे कैमरों का फोकस सही रखने की भी अपील की। खड़गे ने कहा कि विपक्ष को बाहर मौका नहीं मिलता है इसलिए सदन में बोलने का मौका मिलना चाहिए।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस की भूमिका बताते हुए कहा- हमसे बार-बार पूछा जाता है कि 70 साल में आपने क्या किया। हमने 70 साल में इस देश के लोकतंत्र को मजबूत किया। नेहरू काल में देश की नींव पड़ी। नींव के पत्थर दिखते नहीं है। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नाम को लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए खड़गे ने कहा- नड्डा साहब हमें छोटा करने के लिए गठबंधन का नाम इंडी बोलते है। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से कुछ नहीं होता है, हम इंडिया हैं। मणिपुर का मुद्दा उठाते हुए खड़गे ने कहा कि पीएम यहां-वहां जाते हैं लेकिन मणिपुर नहीं गए। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा- पीएम मोदी ने अपने नौ साल के कार्यकाल में परंपरागत बयानों को छोड़कर सिर्फ दो बार ही बयान दिया है। क्या यही लोकतंत्र है? अटलजी ने अपने कार्यकाल में 21 बार और मनमोहन सिंह ने 30 बार बयान दिया था।
उधर लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी के बाद लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने भाषण दिया। उन्होंने भी कांग्रेस की पहले की सरकारों के काम गिनाए। इस दौरान उनके साथ बैठीं सोनिया गांधी ने उन्हें टोका और महिला आरक्षण पर बोलने को कहा। अधीर रंजन ने आगे अपने भाषण में कहा कि पोखरण परमाणु परीक्षण के बाद देश पर प्रतिबंध लगाए गए थे, उन प्रतिबंधों को हटाने का काम पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किया। भाजपा पर हमला करते हुए चौधरी ने कहा कि जिन मनमोहन पर बीजेपी मौन रहने का आरोप लगाती थी वो मौन नहीं रहते थे। दरअसल वे बात कम और काम ज्यादा करते थे।
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