नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने 2008 में हुई टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या के मामले में चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। शनिवार को अदालत ने चार दोषियों को उम्रकैद और एक दोषी को तीन साल जेल की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि यह अपराध दुर्लभ से दुर्लभतम के तहत नहीं आता है और इसलिए दोषियों को मौत की सजा नहीं दी गई।
अदालत ने रवि कपूर, अमित शुक्ला, बलजीत मलिक और अजय कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई, जबकि पांचवें दोषी अजय सेठी को उनकी चार दोषियों की मदद करने के अपराध में तीन साल की साधारण सजा सुनाई। गौरतल है कि पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की 30 सितंबर 2008 को हत्या कर दी गई थी। 25 साल की सौम्या विश्वनाथन ‘इंडिया टुडे’ समूह के न्यूज चैनल ‘हेडलाइंस टुडे’ में न्यूज प्रोड्यूसर थीं।
घटना की रात वे देर तक दफ्तर में रूकी थीं और सुबह तीन बजे के करीब झंडेवालान दफ्तर से वसंत कुंज स्थित अपने घर के लिए निकलीं थीं। रास्ते में डकैती की कोशिश करने वालों ने बेरहमी से उनकी जिंदगी खत्म कर दी। अदालत ने 18 अक्टूबर को चारों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून यानी मकोका के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया था।
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