नई दिल्ली। एक तरफ अमेरिका और ईरान में जंग रूकी तो दूसरी ओर रूस और यूक्रेन की जंग तेज हो गई है। गुरुवार को यूक्रेन ने रूस के ऊपर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया। यूक्रेन ने क्रूज मिसाइल और ड्रोन एक साथ दागे। बताया जा रहा है कि यूक्रेन ने एक हजार ड्रोन और चार क्रूज मिसाइलों से हमला किया। यूक्रेन के हमले में रूस का एक बड़ा ऑयल डिपो तबाह हो गया है। इस हमले के बीच जी 7 देशों के समूह ने यूक्रेन को युद्ध में अतिरिक्त मदद देने का ऐलान किया है।
दूसरी ओर रूस ने दावा किया है कि रात भर में करीब एक हजार ड्रोन और चार क्रूज मिसाइलों को मार गिराया गया। इनमें करीब दो सौ ड्रोन राजधानी मॉस्को की तरफ बढ़ रहे थे। हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट लिखी, जिसमें कहा, ‘हम यह युद्ध नहीं चाहते थे, लेकिन अगर यूक्रेन जलेगा तो मॉस्को भी जलेगा’।
ब्रिटिश मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन के हमले में दक्षिणी रोस्तोव क्षेत्र का एक ऑयल डिपो तबाह हो गया। वहां मौजूद एक व्यक्ति की भी मौत हो गई। यह भी बताया गया है कि मॉस्को की कपोतन्या ऑयल रिफाइनरी पर भी हमला हुआ। धमाके के बाद ऑयल डिपो के पास आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। एक शॉपिंग सेंटर में भी आग लगी और ड्रोन का मलबा गिरने से कुछ रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों को नुकसान पहुंचा। हमले के बाद कई ऊंची इमारतों को खाली कराया गया और मॉस्को के हवाईअड्डों पर कुछ समय के लिए उड़ानों पर रोक लगाई गई।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने मॉस्को पर हमले को पिछले हफ्ते कीव पर रूस के हमले का जवाब बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की सेना ने उन ठिकानों को निशाना बनाया, जो रूस के युद्ध अभियान को सहारा दे रहे हैं। जेलेंस्की ने कहा कि अब समय आ गया है कि रूस युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाए। उन्होंने यूक्रेन की विभिन्न सैन्य और खुफिया एजेंसियों की कार्रवाई की तारीफ भी की। हमले के समय रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कजान में दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के नेताओं के साथ शिखर बैठक में मौजूद थे।


