अवैध धर्मांतरण के आरोपी छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन पर प्रशासन का शिकंजा कसा हुआ है। इसी कड़ी में शनिवार को छांगुर के भतीजे सबरोज के ठिकानों पर प्रशासन का बुलडोजर गरजा और सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे।
गैडास बुजुर्ग थाना क्षेत्र के रेहरा माफी गांव में सबरोज का घर सरकारी (ग्राम समाज) जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया था। जिला प्रशासन ने पहले नोटिस दिया था, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया। आज प्रशासन की टीम ने वहां पहुंचकर बुलडोजर से कार्रवाई की। सीओ राघवेंद्र प्रताप ने बताया कि पुलिस की निगरानी में अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई की है।
ज्ञात हो कि छांगुर का गिरोह देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल था और देश भर में अवैध काम कर रहा था। इसमें कई लोग उसके साथ थे। छांगुर के कई राज सामने आ चुके हैं, लेकिन उसके संदिग्ध या प्रतिबंधित संगठनों से संबंध की जांच चल रही है। बताया जा रहा है कि उसने दुबई, सऊदी, और तुर्की जैसे देशों में अपने संपर्क बनाए थे। छांगुर मुख्य रूप से धर्मांतरण के काम में लगा था। हाल ही में राज्य पुलिस ने बड़े धर्मांतरण गिरोहों का पर्दाफाश किया है। आगरा में दो लापता बहनों के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया, जो छह राज्यों तक फैला था। बलरामपुर में जलालुद्दीन छांगुर के बहुराष्ट्रीय धर्मांतरण गिरोह की कहानी ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है।
बलरामपुर में उत्तर प्रदेश आतंकवाद रोधी दस्ता (एटीएस) ने अवैध धर्मांतरण और गैर-कानूनी फंडिंग के मामले में जलालुद्दीन (उर्फ छांगुर) और उसकी सहयोगी नीतू (उर्फ नसरीन) को हिरासत में लिया है। एटीएस इस गिरोह के फंडिंग स्रोतों और अवैध तरीके से खरीदी गई संपत्तियों की जांच करेगी।
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एटीएस ने 5 जुलाई को जलालुद्दीन और नसरीन को बलरामपुर में माधपुर गांव से गिरफ्तार किया था। जलालुद्दीन उर्फ छांगुर और नीतू उर्फ नसरीन पर वित्तीय प्रोत्साहन, शादी के प्रस्ताव और दबाव बनाकर कमजोर तबके के लोगों को इस्लाम कबूल कराने का आरोप है। जलालुद्दीन पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था और उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया था। इसके अलावा, नवीन उर्फ जलालुद्दीन और महबूब (जलालुद्दीन के बेटे) को अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में ये लखनऊ की जेल में बंद हैं।
जलालुद्दीन उर्फ छांगुर और उसके सहयोगियों के अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है। लगभग एक एकड़ क्षेत्र में फैले छांगुर और उसके सहयोगी नीतू की संपत्तियों पर प्रशासन ने नोटिस चस्पा किया था, जिसमें अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए कहा गया था।
छांगुर की कोठी करीब एक एकड़ भूभाग में बनी थी, जिसमें 2 बिस्वा जमीन सरकारी थी जिस पर अवैध निर्माण किया गया था। इसी मामले में एक आरोपी रऊफ के खिलाफ पॉक्सो, एससी/एसटी एक्ट और धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यही नहीं, स्थानीय प्रशासन ने रऊफ के घर को अवैध निर्माण मानते हुए बुलडोजर कार्रवाई भी सुनिश्चित की है। यह सीएम योगी की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत संगठित अपराधों में शामिल लोगों की अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों को ध्वस्त कर उन्हें आर्थिक और मनोवैज्ञानिक रूप से तोड़ा जा रहा है।
Pic Credit : ANI
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