नई दिल्ली। कोई 10 साल पहले पूरे देश की चेतना को झकझोरने वाले अखलाक मॉब लिंचिंग कांड में उत्तर प्रदेश की सरकार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा समाप्त कराने के लिए अदालत पहुंची थी। लेकिन अदालत ने यूपी सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा के सूरजपुर की कोर्ट में सरकार ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की याचिका लगाई थी।
अदालत ने कहा कि केस वापसी के लिए लगाई गई अर्जी में कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है। साथ ही अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ चल रही कानूनी न्यायिक प्रक्रिया चलती रहेगी। अगली सुनवाई छह जनवरी, 2026 को होगी। अदालत ने मामले में रोज सुनवाई की बात भी कही है। गौरतलब है कि 2015 में गोमांस के शक में अखलाक की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने इस साल अक्टूबर में इस केस में याचिका दायर कर कहा था कि मुकदमा वापसी से सामाजिक सौहार्द बहाल होगा।
बहरहाल, अदालत ने याचिका खारिज करते हुए अभियोजन पक्ष को आगे गवाहों के बयान दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने साथ ही पुलिस कमिश्नर और डीसीपी ग्रेटर नोएडा को निर्देश दिया कि अगर गवाहों को सुरक्षा की जरूरत है, तो उन्हें दी जाए।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


