नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रिलायंस और नायरा जैसी बड़ी रिफाइनरी कंपनियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने पेट्रोल, डीजल और जेट ईंधन के निर्यात पर लगने वाले टैक्स में कटौती कर दी है। विंडफॉल टैक्स में कटौती और नई दरें 16 सितंबर 2026 से लागू हो गई हैं, जिससे भारतीय रिफाइनरी कंपनियों का खर्च घटेगा और उन्हें विदेशी बाजार में तेल बेचने पर सीधा फायदा मिलेगा।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक पेट्रोल पर निर्यात टैक्स में प्रति लीटर पांच रुपए की कटौती की गई है। डीजल पर चार रुपए और जेट ईंधन पर प्रति लीटर एक रुपए की कटौती की गई है। जेट ईंधन पर पहले डेढ़ रुपए प्रति लीटर की दर से टैक्स लगता था, जो अब सिर्फ 50 पैसे प्रति लीटर है। पेट्रोल पर पहले 25 रुपए लीटर टैक्स था, जिसे 20 रुपए कर दिया गया है। कटौती के बाद डीजल पर टैक्स 14 रुपया रह गया है।
गौरतलब है कि सरकार हर 15 दिन में विंडफॉल टैक्स की समीक्षा करती है। इससे पहले एक सितंबर को टैक्स बढ़ाया गया था, लेकिन कहा जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत सामान्य होने के कारण सरकार ने इस बढ़ोतरी को वापस ले लिया है। हालांकि इस कटौती से आम जनता पर कोई असर नहीं होगा। उनक लिए पेट्रोल, डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं होगा। वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि देश के भीतर बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी की दरें पहले की तरह ही रहेंगी। यह बदलाव केवल विदेशों में ईंधन निर्यात करने वाली कंपनियों पर लागू होता है।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



