नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले भले थम गए हैं लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है और इस तनाव के बीच अमेरिका का एक विमान लापता हो गया है। हवा में ही दूसरे विमानों में ईंधन भरने के लिए इस्तेमाल होना वाला अमेरिकी वायु सेना का केसी 135 स्ट्रैटोटैंकर विमान कतर के वायु क्षेत्र में लापता हो गया। बताया जा रहा है कि कतर के ऊपर इमरजेंसी सिग्नल देने के बाद विमान लापता हो गया। इस विमान को ‘फ्लाइंग गैस स्टेशन’ कहा जाता है।
ईरान की मीडिया ने सूत्रों के हवाले से कहा कि इस मामले में ईरान की कोई भूमिका नहीं है। मीडिया ने बताया कि विमान ने उड़ान के दौरान ‘7700’ इमरजेंसी सिग्नल भेजा। यह सिग्नल तब दिया जाता है जब विमान में कोई गंभीर समस्या हो। बताया गया है कि यह अमेरिकी विमान संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई के अल धफरा एयर बेस से उड़ा था और फारस की खाड़ी के ऊपर उड़ रहा था। इसी दौरान कतर के पास उसका सिग्नल कुछ समय के लिए गायब हो गया।
फ्लाइट डेटा के मुताबिक, विमान कुछ देर तक आसमान में चक्कर लगाता रहा और फिर नीचे उतरने लगा। अभी तक यह साफ नहीं है कि विमान में क्या खराबी आई थी। यह भी नहीं पता कि यह कोई तकनीकी समस्या थी या कुछ और। अमेरिका ने इसे लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। गौरतलब है कि युद्ध के दौरान ईरान ने अमेरिका के लड़ाकू जहाज को मार गिराया था। लेकिन अभी युद्धविराम है और इस समय ईरान अपनी ओर से कोई भड़काऊ काम नहीं करेगा। तभी माना जा रहा है कि तकनीकी समस्या के कारण विमान कहीं क्रैश हुआ है।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



