नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान ने एक दूसरे पर हमला तेज कर दिया है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को पूरी तरह से नष्ट करने की धमकी दी है। हालांकि ईरान पर इस धमकी का कोई असर नहीं पड़ा है। उलटे ईरान ने बहुत साफ शब्दों में कहा है कि वह अमेरिका के साथ युद्धविराम की अंतिम संधि तब तक नहीं करेगा, जब तक इजराइल पूरी तरह से लेबनान से बाहर नहीं निकल जाता है। इससे वार्ता उलझने की आशंका है।
इस बीच अमेरिका ने ईरान के 10 ठिकानों पर हमला करने का दावा किया है, जिसमें ईरान के मिसाइल और ड्रोन केंद्र भी शामिल हैं। दूसरी ओर ईरान ने बहरीन में अमेरिका के फिफ्थ फ्लीट बेस को निशाना बनाया है। स्थायी युद्धविराम के लिए पहले दौर की वार्ता के बाद होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के मसले पर दोनों देश फिर आमने सामने आ गए हैं।
अमेरिका का दावा है कि ईरान ने होर्मुज की खाड़ी में व्यावसायिक जहाजों पर हमला किया है, जबकि दूसरी ओर ईरान ने कहा है कि अमेरिका युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है। शुक्रवार से ही दोनों देशों के बीच फिर से जंग शुरू हुई है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि अगर ईरान नहीं सुधरा तो उसका अस्तित्व नहीं बचेगा। युद्धविराम से एक दिन पहले भी ट्रंप ने ईरान को ऐसी ही धमकी दी थी।
बहरहाल, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, ‘लगता है ईरान कभी नहीं सुधरेगा, लेकिन हम और संयम नहीं बरत पाएंगे। एक समय ऐसा भी आ सकता है जब हमें उस सैन्य अभियान को पूरा करना पड़ेगा, जिसकी शुरुआत हमने बहुत सफल तरीके से की थी। अगर ऐसा हुआ तो ईरान का अस्तित्व ही नहीं बचेगा’।
इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि अमेरिकी नौसेना ने ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमला किया। सेंट्रल कमांड के मुताबिक ये हमले होर्मुज की खाड़ी के पास ईरानी ठिकानों पर किए गए। यह कार्रवाई ‘एम/टी किकु’ नाम के तेल टैंकर पर हुए ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में की गई है। दूसरी ओर, ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट बेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। खबर है कि ईरान ने कुवैत पर भी हमला किया लेकिन कुवैत की सेना ने कहा है कि शनिवार को उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिया गया।
ईरान और अमेरिका में जंग शुरू होने के बीच कूटनीतिक गतिविधियां भी चल रही हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इराक की राजधानी बगदाद में इराकी विदेश मंत्री फुआद हुसैन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने बैठक के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। खाड़ी देशों की मीडिया के मुताबिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में फुआद हुसैन ने कहा, ‘क्षेत्र में युद्ध अभी भी दूसरे रूप में जारी है और होर्मुज की खाडी के आसपास सैन्य झड़पें हो रही हैं’। उधर पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल लतीफ बिन राशिद अल जयानी से फोन पर बातचीत की।


