यमन के दक्षिण-पूर्वी प्रांत शबवा में सोमवार को एक सरकारी सैन्य प्रशिक्षण ठिकाने पर मिसाइलें हमलों में कम से कम 25 सैनिकों की जान चली गई और 30 से अधिक घायल हो गए।
प्रांतीय राजधानी अताक के पास जरदान जिले में स्थित अल-आलम सैन्य अड्डे पर गिरी तीनों मिसाइलों ने परिसर के भीतर बने एक प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया। एक सैन्य अधिकारी ने इस हमले के पीछे हुती विद्रोहियों का हाथ बताया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फुटेज में घटनास्थल पर भारी तबाही और हताहत लोग दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय चिकित्सा सूत्र ने बताया कि हताहतों का यह आंकड़ा शुरुआती है और इसमें बढ़ोतरी हो सकती है।
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चिकित्सा सूत्र के अनुसार, आपातकालीन और मेडिकल टीमें घायलों को शबवा के अस्पतालों में पहुंचाने में जुटी हैं। शिविर से बरामद कुछ शव बुरी तरह झुलस चुके हैं, जिससे मृतकों की अंतिम संख्या तय करने में मुश्किलें आ रही हैं। जरदान जिले में स्थित अल-आलम एक बड़ा सैन्य ठिकाना है। इसका इस्तेमाल यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन का समर्थन करने वाले बल करते हैं।
हुती विद्रोहियों ने फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। यह वारदात ऐसे समय में हुई है, जब यमन के कई मोर्चों पर हुती विद्रोहियों और सऊदी गठबंधन समर्थित सरकारी बलों के बीच लड़ाई और हमले तेज हो गए हैं।
यमन 2014 के उत्तरार्ध से ही भयानक संघर्ष में फंसा हुआ है, जब हूतियों ने राजधानी सना और देश के अधिकतर उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2015 में सैन्य हस्तक्षेप किया था।
Pic Credit : UNI
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