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रूस के प्रति ट्रंप की नरमी से रिपब्लिकन पर बढ़ा दबाव

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ संपर्क बढ़ाते हुए रूस को कई रियायतें दी हैं। उनके इन कदमों की अमेरिका में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने आलोचना की है, जिससे मध्यावधि चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी को मुश्किल सवालों का सामना करना पड़ रहा है।

मतदान में करीब तीन सप्ताह शेष रहने के बीच ट्रंप के हाल के फैसलों ने पुतिन के साथ उनके एक दशक पुराने संबंधों को फिर चर्चा में ला दिया है। शुक्रवार को पुतिन से बातचीत के बाद ट्रंप ने ऐसे कई कदम उठाए, जिनकी आलोचकों के अनुसार रूस को बिना किसी ठोस रियायत के फायदा हुआ है।

श्री ट्रंप ने शुक्रवार को वैश्विक बाजार में लाखों टन रूसी डीजल की आपूर्ति की अनुमति देने संबंधी समझौते की घोषणा की। आलोचकों का कहना है कि इससे रूस के युद्ध से होने वाली आय सीमित करने के उद्देश्य से लगाए गए प्रतिबंधों में ढील मिली है। उन्होंने शनिवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की रूसी तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाने के लिए आलोचना की और यूक्रेन से अपना नेता बदलने की मांग की।

इसके अगले दिन श्री ट्रंप ने तत्काल ‘ऊर्जा संघर्षविराम’ की घोषणा की। रूस ने हालांकि यूक्रेन की ऊर्जा अवसंरचना पर हमले जारी रखे और अमेरिका की ओर से इसका कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया।

श्री ट्रंप ने सोमवार को उन खुफिया आकलनों पर आधारित खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि रूस ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों की जानकारी देकर उसके युद्ध प्रयासों में मदद कर रहा है।

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उन्होंने मंगलवार को डीजल समझौते का बचाव करते हुए इस आशंका को भी खारिज किया कि इससे होने वाली आय रूस के युद्ध को वित्तपोषित करने में मदद कर सकती है। रिपब्लिकन सांसदों ने हालांकि इस समझौते को ‘विश्वासघात’ और ‘दुश्मन को दिया गया उपहार’ बताया।

ऊर्जा विश्लेषकों ने सवाल उठाया है कि क्या डीजल समझौते से ईरान से जुड़े युद्ध के कारण बढ़ी ईंधन कीमतों में उल्लेखनीय कमी आएगी। यूरोप में अमेरिकी रुख को लेकर नाटो के भीतर मतभेद बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। रूस पर तोड़फोड़, साइबर हमलों और ड्रोन घुसपैठ की घटनाओं को तेज करने के आरोप भी हैं।

राजनीतिक रूप से श्री ट्रंप ऐसे रूसी नेता के साथ नजदीकी बढ़ा रहे हैं, जो अमेरिकी मतदाताओं के बीच अलोकप्रिय हैं। जनवरी में यूगोव के एक सर्वेक्षण में श्री ट्रंप को 2024 में वोट देने वाले 81 प्रतिशत लोगों ने श्री पुतिन के प्रति प्रतिकूल राय व्यक्त की थी।

रूसी राष्ट्रपति के साथ श्री ट्रंप के संबंध 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बाद से विवादों में रहे हैं। श्री ट्रंप ने सोमवार को फिर कहा कि श्री पुतिन, श्री जेलेंस्की की तुलना में युद्ध समाप्त करने के लिए अधिक इच्छुक हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मुझे वास्तव में लगता है कि पुतिन, जेलेंस्की से अधिक समझौता करना चाहते हैं।

मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के कांग्रेस में अपना नियंत्रण खोने की आशंका है। ऐसा होने पर श्री ट्रंप का विधायी एजेंडा प्रभावित हो सकता है और उनके प्रशासन को कांग्रेस की बढ़ती जांच तथा समन का सामना करना पड़ सकता है।

श्री ट्रंप ने चुनावी नतीजों से अपने संबंध को अलग रखने की कोशिश की है। उन्होंने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा मैं चुनाव नहीं लड़ रहा हूं, मैं पहले ही भारी बहुमत से जीत चुका हूं।

Pic Credit : UNI

By Naya India

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