संयुक्त राष्ट्र महासभा के चल रहे सत्र में गुरूवार को इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से सफलतापूर्वक रोका है।
उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों को नष्ट करना कठिन काम था, लेकिन उनके लिए यह बेहद जरूरी था, क्योंकि ऐसा न करने पर सभी के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा था।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों का समर्थन और अमेरिका को इजराइल का सबसे बड़ा साझेदार बताते कहा कि इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर किया है।
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इजराइली प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका देश इस समय हमास, हिजबुल्लाह, हूती, ईरान तथा इराक, सीरिया और फलस्तीन के विभिन्न गुटों के खिलाफ “सात मोर्चों” पर एक साथ लड़ाई लड़ रहा है।
वेस्ट बैंक में इजराइली नागरिकों की हिंसा पर सफाई देते हुए उन्होंने इसे महज कुछ असामाजिक तत्वों की हरकत बताया और संघर्ष में फलस्तीनी मौतों के आंकड़ों को खारिज किया।
इसके साथ ही, उन्होंने अपने देश के खिलाफ टिप्पणी करने वालों और न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान ममदानी पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने वालों को अपने रुख पर पुनर्विचार करना चाहिए।
श्री नेतन्याहू भाषण की शुरुआत के दौरान व्यापक विरोध देखने को मिला। जैसे ही वे मंच पर पहुंचे, कई देशों के प्रतिनिधिमंडल असेंबली हॉल से बाहर निकल गए, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए नेतन्याहू ने उन्हें “नैतिक कायर” करार दिया।
Pic Credit : UNI
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