प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान इस हफ्ते कश्मीर के पहलगाम में 26 लोगों की हत्या की किसी भी ‘निष्पक्ष और पारदर्शी’ जांच के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के सभी रुपों की आलोचना की है और देश खुद इसका शिकार रहा है।
आतंकियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल – पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में लोगों (ज्यादातर पर्यटक) पर अंधाधुंध गोलियां चला दी थीं। हमले में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
पाकिस्तानी पीएम ने कहा, “एक जिम्मेदार देश के रूप में अपनी भूमिका को जारी रखते हुए, पाकिस्तान किसी भी निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच में भाग लेने के लिए तैयार है।
इस दौरान शहबाज शरीफ ने एक बार फिर जम्मू कश्मीर का राग अलापा। उन्होंने कहा, “मुझे कश्मीर के महत्व को रेखांकित करना होगा, जैसा कि राष्ट्र के संस्थापक कायदे-आजम मोहम्मद अली जिन्ना ने सही कहा था, कश्मीर पाकिस्तान की गर्दन की नस है।
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प्रधानमंत्री ने कहा, “पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की निंदा की है।” उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ दुनिया का अग्रणी देश बताते हुए कहा, “हमने भारी नुकसान उठाया, जिसमें 90,000 लोग हताहत हुए और 600 बिलियन डॉलर से अधिक की आर्थिक हानि हुई।
पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। नई दिल्ली ने इस्लामबाद के खिलाफ कई सख्त कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाए हैं। इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने, अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद करने, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने, जैसे कई कदम उठाए हैं।
भारत के इन फैसलों के बाद पाकिस्तान ने शिमला समझौते को स्थगित करने और भारतीय उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने जैसे कुछ कदम उठाए हैं।
Pic Credit: ANI
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