राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

25 वर्षों का भारत चिट्ठा

अपन तो कहेंगे
अपन तो कहेंगे
25 वर्षों का भारत चिट्ठा
Loading
/

नमस्कार, मैं हरिशंकर व्यास, 21वीं सदी के पहले 25 वर्षों में एक तरफ दुनिया भर के तमाम देशों और उसमें रह रहे लोगों और समाज ने न जाने कितने मुकाम हासिल किए लेकिन इसी दौरान भारत भीड़, झूठ, प्रपंच, अंधभक्ति और बाजार का पर्याय नजर आया…कॉलम अपन तो कहेंगे में इस बार मेरे विचार का शीर्षक है 25 वर्षों का भारत चिट्ठा

By हरिशंकर व्यास

मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक और पत्रकार। नया इंडिया समाचारपत्र के संस्थापक-संपादक। सन् 1976 से लगातार सक्रिय और बहुप्रयोगी संपादक। ‘जनसत्ता’ में संपादन-लेखन के वक्त 1983 में शुरू किया राजनैतिक खुलासे का ‘गपशप’ कॉलम ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ तक का सफर करते हुए अब चालीस वर्षों से अधिक का है। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम की प्रस्तुति। सप्ताह में पांच दिन नियमित प्रसारित। प्रोग्राम कोई नौ वर्ष चला! आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों की बारीकी-बेबाकी से पडताल व विश्लेषण में वह सिद्धहस्तता जो देश की अन्य भाषाओं के पत्रकारों सुधी अंग्रेजीदा संपादकों-विचारकों में भी लोकप्रिय और पठनीय। जैसे कि लेखक-संपादक अरूण शौरी की अंग्रेजी में हरिशंकर व्यास के लेखन पर जाहिर यह भावाव्यक्ति -

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

5 × four =