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नमस्कार, मैं हरिशंकर, एक तरफ भारत के संविधान में तमाम संस्थाओं को मिली ताकत के इस्तेमाल का अपना ही तौर तरीका तो दूसरी तरफ अमेरिकी संविधान में संवैधानिक संतुलन का वह बेजोड़ सिस्टम जिससे ट्रंप जैसी अहंकारी, मनमानी और बेलगाम शक्तियां भी खुद ब खुद नियंत्रण में रहे…इसलिए कॉलम अपन तो कहेंगे में इस बार मेरे विचार का शीर्षक है
तभी अमेरिकी लोकतंत्र है बेजोड़
निर्भयता-बुद्धि का असली विश्वगुरु
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