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नमस्कार, मैं हरिशंकर व्यास, यही समय है जब प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के मनमानेपन और घमंड को एक झटके में चूर-चूर कर सकते हैं। लेकिन मोदी में क्या ऐसा करने की हिम्मत है ये तो वक्त बताएगा। फिलहाल ट्रंप ने भारतीय आईटी कंपनियों और युवा आईटी कर्मियों के साथ जो क्रूर सुलूक किया है उसका एक ही रास्ता है जैसे को तैसा। यानी अमेरिकी गूगल, अमेज़न, फेसबुक, व्हाट्सऐप, को भारत से बाहर का रास्ता दिखाना। लेकिन अब तक ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। इसीलिए कॉलम अपन तो कहेंगे में इस बार मेरे विचार का शीर्षक है,मोदी क्यों नहीं अमेरिकी गूगल, मेटा, एक्स, अमेज़न जैसी कंपनियों को भारत से बाहर करते?
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