राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

केंद्रीय एजेंसियां जाल बिछा रही हैं

डिजिटल लेन देन की शुरुआत के बाद फिशिंग शब्द की चर्चा बहुत होती है। ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले फिशिंग करते हैं यानी जाल डालते हैं। वे लोगों को फंसाने वाले ईमेल और मैसेज भेजते हैं, लोगों को डराते हैं या लालच देते हैं। उसमें जो फंस जाता है तो उसको लूट लिया जाता है। ऐसे ही लग रहा है कि केंद्रीय एजेंसियां विपक्षी पार्टियों के नेताओं को फंसाने के लिए फिशिंग कर रही हें। अगर सीधे तौर पर कोई नेता नहीं फंस रहा है या उसके खिलाफ आरोप तो हैं परंतु मजबूत सबूत नहीं मिल रहे हैं तो वह जुटाने के उपाय किए जा रहे हैं। इस उपाय के तहत नेताओं के करीबियों को पकड़ने की योजना बनी दिखती है।

खबर है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के ओएसडी को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। उनको भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया गया है। ध्यान रहे महादेव गेमिंग एप से लेकर शराब घोटाले तक की जांच हो चुकी है। बघेल के बेटे को गिरफ्तार करने जेल भी रखा गया। लेकिन अब भर्ती घोटाले में उनके पूर्व ओएसडी को पकड़ा गया है। ऐसे ही उत्तराखंड में कांग्रेस के बड़े नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व ओएसडी के यहां ईडी का छापा पड़ा। बताया जा रहा है कि उनके यहां से करीब सवा करोड़ रुपए की संपत्ति पकडी गई।

उधर कर्नाटक में बड़े कारोबारी और हाल के दिनों में मुख्यमंत्री के नजदीकी बने मंत्री सतीश जरकिहोली और उनकी सांसद बेटी प्रियंका के यहां ईडी का छापा पड़ा है। झारखंड में छात्र आंदोलनकारियों का एक गुट पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी की सीबीआई जांच पर अड़ा था। उसे छोड़ कर राज्य सरकार ने बाकी सारी मांगें मान लीं। इसके बावजूद भाजपा समर्थित एक गुट आंदोलन खत्म करने पर राजी नहीं हो रहा था। उनकी मांग भी फिशिंग के लिए ही थी।

Tags :

By NI Political Desk

Get insights from the Nayaindia Political Desk, offering in-depth analysis, updates, and breaking news on Indian politics. From government policies to election coverage, we keep you informed on key political developments shaping the nation.

Leave a comment