छात्रों और युवाओं का आंदोलन खत्म होने के बाद स्थानीय निकाय प्रशासन ने जंतर मंतर की कमाल की सफाई कराई। आंदोलन से नामोनिशान मिटा दिए गए। सारे नारे और हाथ से बनाए पोस्टर हटा दिए गए हैं। लेकिन इतने पर मामला समाप्त नहीं हुआ है। दिल्ली पुलिस सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ पोस्ट किए गए सारे नारे, मीम्स आदि हटवाने के लिए दबाव डाल रही है। पुलिस की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कहा गया है कि वे सारे पोस्ट हटाएं। हालांकि यह काम बहुत आसान नहीं होगा।
सवाल है कि सरकार क्यों सोशल मीडिया पोस्ट हटवाना चाहती है? जब आंदोलन खत्म हो गया और प्रधानमंत्री खुद इंस्टाग्राम के जरिए छात्रों और युवाओं से जुड़ कर अपनी बात रख रहे हैं तो क्यों पुरानी पोस्ट हटवानी है? ध्यान रहे प्रधानमंत्री ने दावा किया है कि उनकी पोस्ट पर खूब सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। असल में अब जो भी प्रतिक्रिया मिल रही हो, आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बहुत निगेटिव कैम्पेन चला था। छात्रों और युवाओं ने भाषा और कथ्य दोनों स्तरों पर किसी तरह की पारंपरिक मर्यादा का पालन नहीं किया था। ऐसी पोस्ट लिखी गई थीं, जो लंबे समय तक लोगों की याद में रहेगी। तभी भाजपा और सरकार भी परेशान है। ध्यान रहे डिजिटल फुटप्रिंट कभी समाप्त नहीं होता है। अगर ये पोस्ट नहीं हटाए गए तो आगे हर मौके पर इनका इस्तेमाल होगा। चुनाव के समय अगर ये पोस्ट, मीम्स वायरल हुईं तो भाजपा को चुनावी नुकसान भी हो सकता है।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


