भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपनी नई टीम का ऐलान किया है, जिसमें 38 सदस्य हैं। इन 38 सदस्यों में बिहार से सिर्फ एक सचिव बनाया गया है। बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं, जिनमें से फिलहाल भाजपा के पास 17 सीटें हैं और उसकी सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी के दोनों खेमों के पास छह सीटें हैं। अगले चुनाव में भाजपा 30 से ज्यादा सीट जीतने की उम्मीद कर रही है। फिर भी नड्डा की टीम में बिहार के किसी नेता को महत्वपूर्ण जगह देने की जरूरत नहीं समझी गई। पहले राधामोहन सिंह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे और उनको उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया था। लेकिन इस बार उनको उपाध्यक्ष पद से हटा दिया गया है।
जेपी नड्डा ने 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और संगठन महामंत्री सहित नौ महामंत्री हैं। इनमें बिहार के किसी नेता को जगह नहीं मिली है। झारखंड जैसे छोटे राज्य से दो नेताओं को जगह दी गई है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को उपाध्यक्ष और आशा लाकड़ा को सचिव बनाया गया है। बिहार से सिर्फ रितुराज सिन्हा को सचिव की जिम्मेदारी मिली है। उनकी एक सबसे बडी योग्यता यह है कि वे पूर्व सांसद और बड़े कारोबारी आरके सिन्हा के बेटे हैं। उत्तर प्रदेश से नड्डा की टीम में छह सदस्य शामिल किए गए हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र आदि सभी महत्वपूर्ण राज्यों से नेताओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिला है लेकिन बिहार से भाजपा को कोई नेता ऐसा नहीं मिला, जिसे राष्ट्रीय टीम में उपाध्यक्ष या महामंत्री की जिम्मेदारी दी जा सके।
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