पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह की सेहत ठीक नहीं है। वे काफी समय से बीमार हैं और परिवार के सारे सदस्य चुनाव हार कर पस्त पड़े हैं। पिछले दिनों खबर आई थी कि उनका परिवार कांग्रेस में वापसी करना चाहता है। कांग्रेस छोड़ने के बाद से उनका कुछ भी अच्छा नहीं हुआ है। उन्होंने पहले अपनी पार्टी बनाई और बाद में पार्टी का विलय भाजपा में कर दिया। न उनकी पार्टी सफल हुई और न भाजपा के साथ जाने पर कोई कामयाबी मिली। उनके साथ साथ कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में गए सुनील जाखड़ प्रदेश अध्यक्ष तो बने लेकिन लॉटरी खुली कांग्रेस छोड़ने वाले दूसरे नेता रवनीत सिंह बिट्टू की। वे लोकसभा चुनाव हारने के बाद मंत्री बनाए गए और राज्यसभा भेजे गए।
बहरहाल, कांग्रेस में वापस लौटने की चर्चाओं के बीच अमरिंदर सिंह को बडा झटका लगा है। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पिछले हफ्ते उनकी एक याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने आयकर विभाग की फाइलें ईडी को नहीं देने की अपील की थी। ये फाइलें विदेश में संपत्ति से जुड़ी हैं, जो फ्रांस की सरकार ने आयकर विभाग को दी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि ईडी उन फाइलों की जांच कर सकती है। इसका मतलब है कि कैप्टेन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणइंदर सिंह की विदेश में स्थित संपत्तियों से जुड़ी फाइल ईडी देख सकेगी और उसकी जांच कर सकेगी। बताया जा रहा है कि इन फाइलों में दुबई और स्विट्जरलैंड में निवेश की जानकारी है।
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