राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

चुनाव से पहले पंजाब में छापे

अगले साल के शुरू में पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। इन पांच में से चार राज्य भाजपा शासित हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में भाजपा की सरकार है। एकमात्र पंजाब है, जहां विपक्ष की आम आदमी पार्टी की सरकार है। बाकी चार राज्यों में, जहां चुनाव हैं वहां शांति है। सरकारें जम कर विज्ञापन दे रही हैं और झूठे सच्चे प्रचार कर रही हैं। सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के प्रयास हो रहे हैं। लेकिन पंजाब में सरकार को चुनाव की तैयारी का मौका ही नहीं मिल रहा है। वहां अचानक अलग अलग समूहों के आंदोलन शुरू हो गए हैं। इस बीच हाई कोर्ट ने आदेश दे दिया कि सरकार जब तक कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का पैसा नहीं देती है तब तक कोई बड़ा विज्ञापन अभियान नहीं शुरू कर सकती है। सोचें, कैसे विपक्ष चुनाव लड़ेगा!

पंजाब सरकार की मुश्किल इतने पर ही खत्म नहीं हो रही है। अचानक केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई भी तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने मंगलवार को पंजाब इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन पर छापा मारा। दो साल पहले 2024 में दर्ज एफआईआर के आधार पर कार्रवाई हो रही है। सोचें, पहले ईडी या सीबीआई आदि का छापा गड़बड़ी करने वाले व्यक्तियों पर पड़ता था या निजी कंपनियों पर छापे पड़ते थे। अब विपक्ष की पार्टियां और उनकी सरकारों के विभाग भी निशाने पर हैं। पिछले कुछ दिनों से अचानक ड्रग्स के खिलाफ भी केंद्र की नींद खुली है। सीमा पार से होने वाली तस्करी के बहाने भी पंजाब में कार्रवाई शुरू हुई है। कुल मिला कर चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी की सरकार परेशान है।

Tags :

By NI Political Desk

Get insights from the Nayaindia Political Desk, offering in-depth analysis, updates, and breaking news on Indian politics. From government policies to election coverage, we keep you informed on key political developments shaping the nation.

Leave a comment