तेलंगाना में सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समित यानी बीआरएस की भाजपा से नजदीकी की खबरों से कांग्रेस नेता खुश हैं। बताया जा रहा है कि दोनों पार्टियों की नजदीकी की खबरों से कांग्रेस को फायदा हो रहा है। ध्यान रहे कुछ दिन पहले तक भाजपा और बीआरएस एक दूसरे के खिलाफ लड़ती थीं और भाजपा के बड़े नेता इस बात का आरोप लगाते थे कि बीआरएस का रिमोट ओवैसी के हाथ में है। लेकिन अब तस्वीर बदल गई है। अब दोनों पार्टियों में नजदीकी बढ़ने की खबर है। हालांकि भाजपा के नेता इसका खंडन कर रहे हैं और अब भी बीआरएस के ऊपर हमला कर रहे हैं लेकिन असलियत यह है कि विपक्षी एकता तोड़ने में चंद्रशेखर राव जिस तरह से काम कर रहे हैं उससे लग रहा है कि उनके तार कहीं न कहीं भाजपा से जुड़े हैं।
मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता तोड़ रहे हैं, बल्कि महाराष्ट्र में पूरी ताकत लगा रहे हैं ताकि विपक्षी गठबंधन का वोट काट सकें। इसका भी फायदा भाजपा को होना है। बताया जा रहा है कि इसके बदले में उनको अपनी बेटी के कविता की गिरफ्तारी से राहत मिली हुई है। गौरतलब है कि कविता का नाम दिल्ली के शराब नीति घोटाले में शामिल है। बहरहाल, चाहे जिस वजह से दोनों पार्टियां नजदीक आई हों, उनकी करीबी की खबरों से कांग्रेस का ग्राफ बढ़ा है। वैसे भी कर्नाटक की जीत के बाद कांग्रेस मजबूत हुई थी लेकिन अब उसका वोट आधार और बढ़ रहा है। उसे मुस्लिम वोट एकमुश्त मिल सकते हैं और साथ ही सत्ता विरोधी जो वोट भाजपा को जाता वह भी उसके साथ जा सकता है। वाईएस शर्मिला की वाईएसआर तेलंगाना पार्टी से कांग्रेस तालमेल भी करने जा रही है।
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