केंद्रीय खेल व युवा मामलों के मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती महासंघ को निलंबित कर दिया है। हालांकि उसे भंग नहीं किया गया है और न चुनाव निरस्त किया गया है। फिर भी यह बड़ा फैसला है। भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बड़े बोल थे, जो उन्होंने अपने करीबी संजय सिंह के चुनाव जीतने पर बोले थे। उन्होंने कहा था कि दबदबा था, दबदबा रहेगा। लेकिन भाजपा ने दो दिन में दबदबा खत्म कर दिया। लेकिन अब सवाल है कि अगले साल के लोकसभा चुनाव में भाजपा उनका क्या करेगी? क्या भाजपा फिर से कैसरगंज लोकसभा सीट पर बृजभूषण को टिकट देगी?
भाजपा के एक जानकार नेता का कहना है कि पार्टी अब इस सोच में है कि उसे राजपूत और जाट दोनों में से किसी को नाराज नहीं करना है। इस वजह से कुश्ती महासंघ को निलंबित कर दिया गया है ताकि जाट समाज संतुष्ट हो जाए। इसके अलावा बृजभूषण के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी क्योंकि गोंडा और आसपास में पांच से छह लोकसभा की सीटें ऐसी हैं, जिन पर बृजभूषण शरण सिंह का मजबूत असर है। वैसे उत्तर प्रदेश में राजपूत वोट के लिए भाजपा को उनकी जरुरत नहीं है। राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ की वजह से ठाकुर वोट भाजपा के साथ है। लेकिन बृजभूषण की जमीन पकड़ इलाके में बहुत ज्यादा है और ठाकुर के अलावा दूसरी जातियों का भी समर्थन बृजभूषण के साथ है। हालांकि उनको फिर से टिकट देने में मुश्किल यह है कि महिला पहलवान उनके खिलाफ प्रचार में पहुंच सकती हैं। पार्टी को इसका कुछ समाधान निकालना होगा।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


