आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सासंद राघव चड्ढा के राज्यसभा का कार्यकाल अभी दो साल बचा हुआ है। वे 2028 में रिटायर होंगे। इसलिए तत्काल उनको चिंता करने की जरुरत नहीं है। लेकिन तैयारी तो अभी से करनी होगी। यह तो तय हो गया है कि उनकी पार्टी आप उनको फिर से राज्यसभा में नहीं भेजेगी। वे पंजाब से राज्यसभा के सांसद हैं, जहां अगले साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। वे विधानसभा का चुनाव लड़ने वहां नहीं जाएंगे और चुनाव के बाद चाहे जो भी स्थिति बने, उनका वहां से 2028 में राज्यसभा जाना संभव नहीं हो पाएगा। वे आम आदमी पार्टी में भी नहीं रहने वाले हैं। ऐसे में उनके पास भाजपा का ही विकल्प बचता है।
कहा जा रहा है कि वे संसद के इस बार के बजट सत्र के दौरान भाजपा नेताओं के बहुत नजदीक हो गए। लेकिन भाजपा की ओर से भी अभी तक कोई कमिटमेंट नहीं की गई है। अगर वे भाजपा में शामिल होते हैं तो संभव है कि 2029 के लोकसभा चुनाव में उनको दिल्ली या पंजाब की किसी सीट से उम्मीदवार बनाया जाए। वे चाहते हैं कि 2028 में उनको किसी सीट से राज्यसभा भेजा जाए। इसकी संभावना कम दिख रही है। हां, यह जरूर भाजपा के नेता कह रहे हैं कि राज्यसभा में उनको बोलने के लिए समय की कमी नहीं रहेगी। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने उनको राज्यसभा के उप नेता पद से हटा दिया है। इसलिए उनको अब बोलने के लिए कम समय मिलेगा। लेकिन अगर वे कोई विषय उठाते हैं तो आसन की ओर से उनको पर्याप्त समय मिलेगा।


