इस साल जिन राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं उन राज्यों के नेता मंत्री बनने का इंतजार कर रहे हैं। उनका धीरज जवाब दे रहा है। राजस्थान से कम से कम दो सांसदों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार में उनको जगह मिलेगी। लेकिन जैसे जैसे समय बीत रहा है उनकी चिंता बढ़ रही है। कर्नाटक में कम से कम पांच विधायक प्रदेश सरकार में मंत्री बनने का इंतजार कर रहे हैं और दो सांसद केंद्र सरकार में जगह मिलने के भरोसे में थे लेकिन उनकी भी चिंता बढ़ रही है। न प्रदेश सरकार में फेरबदल हो रही है और न केंद्र सरकार में बदलाव की कोई सुगबुगाहट सुनाई दे रही है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों में साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और ऐसी चर्चा है कि इन दो राज्यों के कुछ नेता केंद्र सरकार से हटाए जा सकते हैं और नए लोगों को जगह मिल सकती है। मध्य प्रदेश में ग्वालियर क्षेत्र के दोनों केंद्रीय मंत्रियों को लेकर चर्चा है तो इंदौर और मालवा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की भी चर्चा है। यह भी कहा जा रहा है कि एक बड़े नेता को राज्यपाल बनाया जा सकता है। छत्तीसगढ़ से भी एक मंत्री बनाए जाने की खबर है और एक महिला सांसद सहित कम से कम दो सांसद इंतजार में हैं। तेलंगाना में भी इस साल चुनाव हैं। हालांकि वहां को लेकर पार्टी के पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं। जी किशन रेड्डी पहले से अहम मंत्रालय संभाल रहे हैं और एक अन्य बड़े नेता बंडारू दत्तात्रेय को राज्यपाल बनाया गया है।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


