इस साल जिन राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं उनमें से पांच बड़े राज्य भाजपा के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन पांच में से एक राज्य असदुद्दीन ओवैसी का गृह प्रदेश तेलंगाना भी है। लेकिन ऐसा लग रहा है कि तेलंगाना से ज्यादा वे दूसरे राज्यों, खास कर राजस्थान और मध्य प्रदेश में दिलचस्पी ले रहे हैं। ये दोनों राज्य भाजपा के लिए बहुत अहम हैं। इन राज्यों में ओवैसी का खेल शुरू हो गया है। उनका खेल कांग्रेस के वोट काटने का है। वे कांग्रेस के वोट में सेंध लगा कर अपनी पार्टी को मजबूत कर रहे हैं। इसका प्रत्यक्ष लाभ भाजपा को मिलता है।
बहरहाल, ओवैसी 18 और 19 फरवरी को राजस्थान में दो कार्यक्रम करने वाले हैं। पहले 18 को वे भरतपुर के एक छोटे से शहर में अपनी पार्टी की रैली करेंगे। इसके बाद टोंक में 19 फरवरी को उनकी एक बड़ी रैली होनी है। ध्यान रहे टोंक कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट का क्षेत्र है। जिस इलाके में ओवैसी का कार्यक्रम होना है वह पूरा अलवर और भरतपुर का इलाका पायलट के असर वाला है। इस इलाके में कांग्रेस के अच्छा प्रदर्शन करने की संभावना है। सो, पहले वहीं से उनका कार्यक्रम शुरू हो रहा है। उनकी पार्टी के टोंक के नेता सचिन पायलट को बाहरी नेता बता रहे हैं। ओवैसी भले अपने पैर जमाने के लिए काम कर रहे हों लेकिन उनको भी पता है कि अगर वे ताकत लगा कर इस इलाके में राजनीति करते हैं और चुनाव लड़ते हैं तो कांग्रेस का नुकसान करेंगे और भाजपा की जीत आसान करेंगे। फिर भी जाने अनजाने में उन्होंने कांग्रेस के सबसे मजबूत असर वाले इलाके की ही चुना है।
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