त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी अगर चुनाव जीती तो क्या राज्य को पहली महिला मुख्यमंत्री मिलेगी? त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के प्रचार और मतदान के दिन तक का यह सबसे बड़ा सवाल था। यह सवाल इसलिए उठा क्योंकि भाजपा ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की मंत्री प्रतिमा भौमिक को विधानसभा चुनाव में उतारा है। हालांकि यह पहला मौका नहीं है, जब भाजपा ने केंद्रीय मंत्रियों को विधानसभा का चुनाव लड़ाया है। पश्चिम बंगाल के पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को विधानसभा का चुनाव लड़ाया था। हालांकि वे चुनाव हार गए थे। पार्टी ने दो और सांसदों को भी विधानसभा का चुनाव लड़ाया था और वे दोनों जीत गए थे लेकिन बाद में दोनों ने विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था।
बहरहाल, प्रतिमा भौमिक त्रिपुरा के आजतक के इतिहास की सिर्फ दूसरी नेता और पहली महिला नेता हैं, जो केंद्र में मंत्री बनी हैं। उनका विधानसभा चुनाव लड़ना अपने आप में बड़ी बात है। इसके अलावा उनको राज्य की राजनीति में मजबूत और निर्णायक नेता के रूप में देखा जाता है। इसके अलावा भाजपा पूर्वोत्तर में महिला कार्ड भी खेल रही है। अभी मेघालय के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी ने घोषणापत्र जारी किया तो सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का वादा किया है। ऊपर से त्रिपुरा में बिप्लब देब को हटा कर पार्टी ने माणिक साहा को सीएम बनाया है, जो छह साल पहले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए हैं। इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि त्रिपुरा में पार्टी अगर जीतती है तो महिला मुख्यमंत्री बन सकती है। अगर गठबंधन करके सरकार बनाने की स्थिति आती है तब दूसरा समीकरण होगा।
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