नई दिल्ली। खेल मंत्रालय (Sports Ministry) के अधिकारियों और बजरंग पुनिया (Bajrang Punia), विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) और साक्षी मलिक (Sakshi Malik) सहित चार पहलवानों के प्रतिनिधिमंडल के बीच गुरुवार को हुई बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला, क्योंकि प्रदर्शनकारी पहलवान प्रतिक्रिया से संतुष्ट नहीं थे। यहां पत्रकारों से बात करते हुए बजरंग ने कहा कि उन्हें मंत्रालय से कोई ‘संतोषजनक प्रतिक्रिया’ नहीं मिली और बृजभूषण शरण सिंह (Brijbhushan Sharan Singh) के नेतृत्व वाले भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के भंग होने तक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा, हम न केवल डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण शरण (Brijbhushan Sharan) का इस्तीफा चाहते हैं। हम महासंघ को भंग करने की भी मांग करते हैं। अगर केवल इस्तीफा दिया गया, तो यह अपने लोगों को फिर से बैठा लेंगे।
28 साल के बजरंग ने आगे कहा कि कुश्ती जगत के सभी लोग हमारे साथ बैठे हैं और हर कोई अपने भविष्य के लिए लड़ रहा है। ओलिंपिक पदक विजेता पहलवान ने कहा, हमारे पास सबूत के साथ पांच से छह लड़कियां हैं, जो यौन उत्पीड़न मामले (Sexual Harassment Cases) में डब्ल्यूएफआई प्रमुख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को तैयार हैं। अगर हमारी बात नहीं मानी गई तो हम पुलिस की मदद लेंगे और मुकदमा भी दर्ज कराएंगे। इस बीच, विनेश ने भी बृजभूषण शरण की आलोचना करते हुए कहा, वह क्यों छुप रहे हैं और मैं उन्हें चुनौती देती हूं कि वह आकर मुझसे बात करें। उन्होंने कहा, मुझे कई राज्यों से फोन आ रहे हैं। और महिला पहलवान इस लड़ाई में हमारा साथ दे रही हैं। मुझे केरल और अन्य जगहों से फोन आ रहे हैं। (आईएएनएस)
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