2024 Lok Sabha Election

  • निर्वाचन आयोग पर सवाल

    विपक्षी दायरे में आयोग की निष्पक्षता पर संदेह गहराता जा रहा है। आम चुनाव के दौर समय ऐसी धारणाएं लोकतंत्र के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। ऐसे में यह जिम्मेदारी आयोग पर है कि वह विपक्षी आरोपों या धारणाओं को बेबुनियाद साबित करे। राष्ट्रीय राजधानी में तृणमूल कांग्रेस पार्टी के सांसदों और कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग के दफ्तर पर धरना दिया। वहां उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद एक सांसद ने आरोप लगाया कि आयोग निष्पक्ष ढंग से काम नहीं कर रहा है। वह आम चुनाव में सभी दलों को समान धरातल मुहैया कराने का फर्ज नहीं निभा रहा...

  • सुमनलता अंबरीश क्या फिर निर्दलीय लड़ेंगी

    यह लाख टके का सवाल है कि कर्नाटक में इतने जतन से सजाया गया भाजपा का खेल कितना चल पाएगा? भाजपा ने एचडी देवगौड़ा की पार्टी जेडीएस के साथ तालमेल किया और निर्दलीय सांसद सुमनलता अंबरीश को भी पार्टी में शामिल कर लिया। लेकिन मुश्किल यह थी कि देवगौड़ा परिवार हर हाल में मांड्या सीट पर चुनाव लड़ने के लिए अड़ा हुआ था। वह परिवार का पुराना गढ़ रहा है। जेडीएस हासन और मांड्या सीट नहीं छोड़ सकती थी। मजबूरी में भाजपा को मांड्या सीट देवगौड़ा की पार्टी के लिए छोड़नी पड़ी। गौरतलब है कि सुमनलता अंबरीश इसी सीट से...

  • कर्नाटक की चिंता खत्म नहीं हो रही

    भारतीय जनता पार्टी की कर्नाटक की चिंता खत्म नहीं हो रही है। पार्टी ऐसा दिखा रही है कि सब कुछ ठीक है और वह फिर से 2019 का प्रदर्शन दोहराएगी। इसके लिए नेतृत्व के स्तर पर सब ठीक कर दिया गया है। कर्नाटक में भाजपा के लिए नेतृत्व के स्तर पर सब ठीक करने का मतलब है कि सब कुछ बीएस येदियुरप्पा को सौंप दिया गया है। उनको भाजपा के संसदीय बोर्ड का सदस्य बनाया गया है, उनके विधायक बेटे को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है और उनके सांसद बेटे को फिर से टिकट दे दी गई है। सो, नेतृत्व...

  • आखिर क्यों केजरीवाल गिरफ्तार हुए?

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर जो सवाल उठाए जा रहे हैं उनमें मुख्य रूप से दो सवाल हैं। पहला, क्या लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए वे कोई चुनौती खड़ी कर रहे थे? दूसरा, क्या उनकी गिरफ्तारी के बगैर शराब नीति में हुए कथित घोटाले की जांच आगे नहीं बढ़ रही थी? इन दोनों सवालों का जवाब नकारात्मक है। न तो केजरीवाल लोकसभा चुनाव में देश के स्तर पर भाजपा के लिए चुनौती खड़ी कर रहे थे और न उनके बाहर रहने से जांच प्रभावित हो रही थी। केंद्रीय एजेंसियां डेढ़ साल से ज्यादा समय से...

  • चौटाला परिवार जाट वोट बंटवाएंगा

    हरियाणा में योजनाबद्ध तरीके से भाजपा ने दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी से तालमेल खत्म कर लिया और उसको अकेले लड़ने के लिए छोड़ दिया। उधर ओमप्रकाश चौटाला की पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल अलग ताल ठोक रही है। इसका नतीजा यह हुआ है कि कांग्रेस नेताओं की चिंता बढ़ी है। Haryana politics Jat vote यह भी पढ़ें: नेतन्याहू न मानेंगे, न समझेंगे! गौरतलब है कि चौटाला परिवार का दशकों तक हरियाणा की जाट राजनीति पर असर रहा है। एक तरह से उनका वर्चस्व था। जाट पूरी तरह से देवीलाल और बाद में ओमप्रकाश चौटाला के साथ जुड़े रहे। हालांकि...

  • अमित शाह से मिले राज ठाकरे

    हरियाणा में योजनाबद्ध तरीके से भाजपा ने दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी से तालमेल खत्म कर लिया और उसको अकेले लड़ने के लिए छोड़ दिया। उधर ओमप्रकाश चौटाला की पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल अलग ताल ठोक रही है। इसका नतीजा यह हुआ है कि कांग्रेस नेताओं की चिंता बढ़ी है। Haryana politics Jat vote यह भी पढ़ें: नेतन्याहू न मानेंगे, न समझेंगे! गौरतलब है कि चौटाला परिवार का दशकों तक हरियाणा की जाट राजनीति पर असर रहा है। एक तरह से उनका वर्चस्व था। जाट पूरी तरह से देवीलाल और बाद में ओमप्रकाश चौटाला के साथ जुड़े रहे। हालांकि...

  • चुनाव आयोग ने राज्यों में बदले अधिकारी

    हरियाणा में योजनाबद्ध तरीके से भाजपा ने दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी से तालमेल खत्म कर लिया और उसको अकेले लड़ने के लिए छोड़ दिया। उधर ओमप्रकाश चौटाला की पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल अलग ताल ठोक रही है। इसका नतीजा यह हुआ है कि कांग्रेस नेताओं की चिंता बढ़ी है। Haryana politics Jat vote यह भी पढ़ें: नेतन्याहू न मानेंगे, न समझेंगे! गौरतलब है कि चौटाला परिवार का दशकों तक हरियाणा की जाट राजनीति पर असर रहा है। एक तरह से उनका वर्चस्व था। जाट पूरी तरह से देवीलाल और बाद में ओमप्रकाश चौटाला के साथ जुड़े रहे। हालांकि...

  • विवादित नेताओं की फिर कटी टिकट

    हरियाणा में योजनाबद्ध तरीके से भाजपा ने दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी से तालमेल खत्म कर लिया और उसको अकेले लड़ने के लिए छोड़ दिया। उधर ओमप्रकाश चौटाला की पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल अलग ताल ठोक रही है। इसका नतीजा यह हुआ है कि कांग्रेस नेताओं की चिंता बढ़ी है। Haryana politics Jat vote यह भी पढ़ें: नेतन्याहू न मानेंगे, न समझेंगे! गौरतलब है कि चौटाला परिवार का दशकों तक हरियाणा की जाट राजनीति पर असर रहा है। एक तरह से उनका वर्चस्व था। जाट पूरी तरह से देवीलाल और बाद में ओमप्रकाश चौटाला के साथ जुड़े रहे। हालांकि...

  • महाराष्ट्र में विपक्ष का सीट बंटवारा फाइनल

    हरियाणा में योजनाबद्ध तरीके से भाजपा ने दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी से तालमेल खत्म कर लिया और उसको अकेले लड़ने के लिए छोड़ दिया। उधर ओमप्रकाश चौटाला की पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल अलग ताल ठोक रही है। इसका नतीजा यह हुआ है कि कांग्रेस नेताओं की चिंता बढ़ी है। Haryana politics Jat vote यह भी पढ़ें: नेतन्याहू न मानेंगे, न समझेंगे! गौरतलब है कि चौटाला परिवार का दशकों तक हरियाणा की जाट राजनीति पर असर रहा है। एक तरह से उनका वर्चस्व था। जाट पूरी तरह से देवीलाल और बाद में ओमप्रकाश चौटाला के साथ जुड़े रहे। हालांकि...

  • 2024 का लोकसभा चुनाव जीतने के लिए बीजेपी मजबूती से तैयार

    हरियाणा में योजनाबद्ध तरीके से भाजपा ने दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी से तालमेल खत्म कर लिया और उसको अकेले लड़ने के लिए छोड़ दिया। उधर ओमप्रकाश चौटाला की पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल अलग ताल ठोक रही है। इसका नतीजा यह हुआ है कि कांग्रेस नेताओं की चिंता बढ़ी है। Haryana politics Jat vote यह भी पढ़ें: नेतन्याहू न मानेंगे, न समझेंगे! गौरतलब है कि चौटाला परिवार का दशकों तक हरियाणा की जाट राजनीति पर असर रहा है। एक तरह से उनका वर्चस्व था। जाट पूरी तरह से देवीलाल और बाद में ओमप्रकाश चौटाला के साथ जुड़े रहे। हालांकि...

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