AAP Party

  • आप को कट्टरपंथियों की चिंता

    आम आदमी पार्टी को किसी हाल में पंजाब का विधानसभा चुनाव जीतना है। दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक कार्यक्रम में कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब का चुनाव जीतने के लिए साम, दाम, दंड और भेद सबका इस्तेमाल करेगी। पार्टी ने यह काम शुरू भी कर दिया है। पिछले दिनों अकाली दल के एक नेता और कारोबारी पार्टी छोड़ कर भाजपा में गए तो उनके खिलाफ तत्काल विजिलेंस ने छापा मारना शुरू कर दिया। कांग्रेस पार्टी के कई पूर्व विधायकों और पूर्व मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है और उनकी गिरफ्तारी भी हुई है। आम आदमी...

  • बिहार में आप अकेले लड़ेगी

    पटनॉ। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी आगामी बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। हालांकि उन्होंने 'इंडिया' गठबंधन के आरोप का समर्थन किया कि भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर बिहार में मतदाता सूची में हेरफेर की जा रही है। 'पीटीआई वीडियो' के साथ बातचीत में राज्यसभा सदस्य सिंह ने अपनी पार्टी के सहयोगी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का भी जोरदार बचाव किया। मान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छोटे देशों की यात्राओं का उपहास करने के लिए आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। आप नेता सिंह ने यह भी दावा...

  • उपचुनावों से आप को मिली ताकत

    उपचुनाव के नतीजों से अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को बड़ी ताकत मिली है। यह ताकत सिर्फ लुधियाना वेस्ट की सीट जीतने से नहीं मिली है, बल्कि गुजरात की विसावदर सीट फिर से जीत लेने से ज्यादा मिली है। गुजरात का नतीजा सबको हैरान करने वाला है और भाजपा से ज्यादा कांग्रेस के लिए चिंता की बात है। गौरतलब है कि गुजरात की दो सीटों पर उपचुनाव हुए थे। उनमें से एक विसावदर सीट आम आदमी पार्टी की थी। उसके विधायक भूपेंद्र भयानी के इस्तीफे से खाली हुई थी। भयानी 2022 के चुनाव में इस सीट पर जीते थे...

  • आप का अभियान ‘बिहार में भी केजरीवाल’

    आम आदमी पार्टी ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ से एक तरह से नाता तोड़ लिया है। पिछले दिनों संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए विपक्षी पार्टियों की जो बैठक हुई उसमें आप के नेता शामिल नहीं हुए। बैठक के बाद तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि आप की ओर से अलग से प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी जाएगी और विशेष सत्र की मांग की जाएगी। एक हफ्ते बाद तक खबर नहीं है कि आप ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी या नहीं। उधर पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट पर दोनों पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ जी जान से लड़...

  • आप के 13 पार्षदों ने पार्टी छोड़ी

    नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव हारने के बाद से आम आदमी पार्टी की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। उसके नेताओं के पार्टी छोड़ने का सिलसिला जारी है। अब उसके 13 पार्षदों ने पार्टी छोड़ कर अलग दल बनाने का फैसला किया है। इन पार्षदों ने इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी नाम से तीसरा मोर्चा बनाने की घोषणा की है। मुकेश गोयल नए मोर्चे का नेतृत्व करेंगे। इससे पहले भी कुछ पार्षदों ने पार्टी छोड़ी थी लेकिन वे भाजपा में शामिल हो गए थे। आम आदमी पार्टी संकट में नया मोर्चा आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने वाले अन्य पार्षदों में हेमचंद गोयल,...

  • केजरीवाल कितने दयनीय हो गए

    Arvind Kejriwal: एक चुनावी हार ने अरविंद केजरीवाल को कहां से कहां पहुंचा दिया! यह तमाम एकाधिकारवादी और अपने इलहाम में राजनीति करने वाले नेताओं के लिए सबक है। केजरीवाल ने पार्टी की सारी राजनीति अपने इर्द गिर्द सीमित रखा। तमाम संस्थापक और समझदार नेताओं को पार्टी से बाहर निकाल दिया। अपने करिश्मे पर राजनीति और नतीजा क्या हुआ? जैसे ही करिश्मा कम हुआ और चुनाव हारे वैसे ही अपनी ही पार्टी में स्थिति इतनी कमजोर हो गई कि अपने लिए एक राज्यसभा सीट के लिए मोलभाव करनी पड़ रही है। अरविंद केजरीवाल की ऐसी स्थिति नहीं रह गई कि...

  • एमसीडी की बड़ी घोषणाएं अभी क्यों?

    आम आदमी पार्टी के नियंत्रण वाले दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी में बड़ी घोषणाएं हुई हैं। इनमें सबसे बड़ी घोषणा यह है कि एमसीडी ने बकाया संपत्ति कर माफ करने का ऐलान किया है। एमसीडी में की गई घोषणा के मुताबिक एक सौ गज से कम एरिया में बने मकानों पर पूरा बकाया माफ होगा। इसके ऊपर और पांच सौ गज तक 50 फीसदी की माफी दी जाएगी। सवाल है कि यह घोषणा अभी क्यों की जा रही है? पिछले साल के अंत में दिल्ली विधानसभा का चुनाव हुआ था। अगर उससे पहले एमसीडी की ओर से ऐसी घोषणा की...

  • मकड़ी अपने ही बनाए जाल में मरती है!

    delhi assembly election: अरविंद केजरीवाल उस अन्ना भूचाल के जनदेवता थे, जिसकी जंतर मंतर पर भीड़ को देख अमित शाह ने नरेंद्र मोदी को फोन कर बताया था कि अब आप दिल्ली चलो का मिशन बनाएं। मेरा संयोग है मैंने उससे ठीक पहले ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम में आरटीआई एक्टिविस्ट के नाते बुला अरविंद केजरीवाल से बात कर उन्हें समझा। जब उन्होने पार्टी बनाई और उनमें अखिल भारतीय नेता बनने का गुमान बना तो उनके यमुना पार के दफ्तर जा कर इंटरव्यू किया था (यूट्यूब पर सब होंगे)।(delhi assembly election) अन्ना आंदोलन के उफान की पैदाइश में, मैं एक छोर पर...

  • कांग्रेस ने बदला पूरा कर लिया

    दिल्ली में कांग्रेस पार्टी का खाता नहीं खुल सका है। फिर भी कांग्रेस के नेता इस संतोष में होंगे कि उन्होंने आम आदमी पार्टी को हरा दिया। आम आदमी पार्टी की हार ही कांग्रेस की जीत है क्योंकि कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान ही साफ कर दिया था कि उसकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी आप है। अशोक गहलोत ने यह बात कही थी। राहुल गांधी ने भी भाजपा की ही तरह आप पर हमला किया और यह भी कहा कि दोनों पार्टियां एक जैसी हैं। असल में कांग्रेस पार्टी इस बात से परेशान थी कि आम आदमी पार्टी राज्य दर राज्य...

  • भाजपा की सहयोगी पार्टियां फेल

    दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी 70 में से 68 सीटों पर लड़ी थी और एक एक सीट जनता दल यू और लोक जनशक्ति पार्टी को दी थी। लेकिन दोनों सीटों पर भाजपा की सहयोगी पार्टियां चुनाव हार गईं। बिहार में सरकार चला रही जनता दल यू ने भाजपा से जिद करके बुराड़ी सीट ली थी, जबकि भाजपा उसे संगम विहार और द्वारका सीट देने को राजी थी। लेकिन नीतीश कुमार ने अपने एक प्रिय आईएएस अधिकारी के ससुर को टिकट देने के लिए बुराड़ी सीट ली। आईएएस के ससुर शैलेंद्र कुमार पिछली बार भी चुनाव हारे थे और इस बार...

  • मोदी है तो मुमकिन है

    दिल्ली ने जनादेश दे दिया। 27 साल के बाद दिल्ली के मतदाताओं ने भारतीय जनता पार्टी को सरकार बनाने का जनादेश दिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नागरिकों को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल में से किसी एक को चुनना था और उन्होंने चुनने में कोई गलती नहीं की। यह पहला अवसर था, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के लोगों से इस तरह वोट मांगा था। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि लोग उन्हें वोट दें। वे दिल्ली को संवारेंगे। तभी चुनाव परिणामों की व्याख्या और विश्लेषण में किसी प्रकार...

  • क्या दिल्ली को साफ हवा मिल सकेगी?

    सारा खेल 'परसेप्शन' का है - धारणाओं का है। चाहे आपको भला लगे या बुरा, मगर हकीकत है कि चुनावों में जीत-हार में 'परसेप्शन' की बहुत बड़ी भूमिका रहती है। और उसका सरकार या पार्टी की नीतियों या कामकाज से कोई ख़ास ताल्लुक नहीं होता। दिल्ली के चुनाव नतीजों से फिर एक बार यही साबित हुआ है। जो लड़ाई बहुत कड़ी होनी थी, उसमें 'परसेप्शन' की चकाचौंध और कोलाहल के चलते एक ऐसी पार्टी का पलड़ा बहुत भारी हो गया। दिल्ली का चुनावी मुकाबला कड़ा था और कौन जीतेगा, इसका सही-सही अनुमान लगाना बहुत मुश्किल था। समाज के सभी तबकों...

  • डाल-डाल, पात-पात का प्रबंधन

    delhi election: भारतीय जनता पार्टी हर चुनाव बहुत बारीक प्रबंधन के साथ लड़ती है। लेकिन हर चुनाव के साथ उसके प्रबंधन का तरीका बदलता जाता है या उसमें कुछ नई चीजें जुड़ती हैं। विपक्षी पार्टियां चुनाव प्रबंधन के पारंपरिक तरीकों से तो वाकिफ हैं लेकिन नई चीजों को समय रहते नहीं समझ पाती हैं। जैसे मतदाताओं के नाम जुड़वाने या कटवाने की रणनीति को कांग्रेस या दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेता हरियाणा और महाराष्ट्र में नहीं समझ पाए थे। उन्होंने चुनाव के बाद यह मुद्दा उठाया। ऐसे ही हरियाणा में प्रॉक्सी फाइट की रणनीति को भी कांग्रेस समय रहते नहीं...

  • कांग्रेस का क्या होगा?

    delhi asseimbly election : कांग्रेस पार्टी के लिए दिल्ली का विधानसभा चुनाव बहुत उलझा हुआ था। पार्टी को सिद्धांत रूप में यह तय करना था कि उसका बड़ा दुश्मन भाजपा है कि आम आदमी पार्टी? उसे यह भी तय करना था कि भाजपा को हराने के लिए केजरीवाल के सामने सरेंडर करना चाहिए और उनकी मदद करनी चाहिए या केजरीवाल को हराना चाहिदिल्ली के नतीजों के बाद इस सोच में बदलाव होगा। दिल्ली के बाद बिहार का चुनाव है, वहां भी दिल्ली के नतीजों से कांग्रेस की मोलभाव करने की ताकत बढ़ सकती है।ए, चाहे भाजपा क्यों न जीत जाए?...

  • कांग्रेस से ज्यादा ओवैसी की चिंता

    आम आदमी पार्टी को मुस्लिम वोटों की चिंता सता रही है। खासकर उन सीटों पर, जहां आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एमआईएम के मुस्लिम उम्मीदवार हैं। उन सीटों पर मुस्लिम वोट टूटने की स्थिति में भाजपा को फायदा हो सकता है। मिसाल के तौर पर भाजपा ने मुस्लिम बहुल मुस्तफाबाद सीट पर करावल नगर के अपने विधायक मोहन सिंह बिष्ट को उतार दिया है। वहां आप, कांग्रेस और एमआईएम से मुस्लिम उम्मीदवार लड़ रहे हैं। इसी तरह की चिंता आम आदमी पार्टी को ओखला सीट पर है तो सीलमपुर सीट पर भी है और मटियामहल में...

  • बेअदबी का केस आप को परेशान करेगा

    आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक या दूसरे नेता अक्सर गिरफ्तार होते रहते हैं। गिरफ्तारी उनके लिए कोई नई बात नहीं है। अभी हाल ही में एक विधायक नरेश बालियान गैंगेस्टरों से संबंध रखने और रंगदारी वसूलने के आरोप में गिरफ्तार हुए थे। इस मामले में वे जमानत पर रिहा हुए तो फिर संगठित अपराध में शामिल होने के कानून मकोका के तहत गिरफ्तार हो गए। लेकिन ऐसी गिरफ्तारियों को आम आदमी पार्टी शहादत बता देती है। घूस लेने, रंगदारी वसूलने या दूसरे मामलों में शामिल होने पर आप के नेता कह देते हैं कि भाजपा की केंद्र...

  • गहलोत के हटते ही चरित्रहनन शुरू

    Kailash Gehlot, आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री कैलाश गहलोत ने पार्टी छोड़ी नहीं कि पार्टी के नेताओं ने उनका चरित्रहनन शुरू कर दिया। एक दिन पहले तक गहलोत सबसे ईमानदार पार्टी के सबसे ईमानदार नेताओं में शामिल थे। लेकिन इस्तीफे की चिट्ठी भेजते ही वे बेईमान हो गए। पिछले सात साल से दिल्ली सरकार में मंत्री रहे गहलोत सबसे सक्षम और योग्य मंत्रियों में गिने जाते थे। केजरीवाल ने जेल से निकल कर जब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे का ऐलान किया तो मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में गहलोत का भी नाम था। उस समय हरियाणा...

  • भगवंत मान के साथ सब कुछ ठीक नहीं

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ क्या अरविंद केजरीवाल के रिश्तों में कुछ दूरी बनी है? यह लाख टके का सवाल है और सिर्फ सोशल मीडिया में नहीं पूछा जा रहा है। जानकार सूत्रों का कहना है कि मान के कामकाज से केजरीवाल खुश नहीं हैं। हालांकि मान सरकार ठीक उसी तरह से चल रही है, जिस तरह से दिल्ली में केजरीवाल की सरकार चली या अभी आतिशी की सरकार चल रही है। तभी केजरीवाल के नाराज होने का कारण सरकार का कामकाज नहीं हो सकता है। हो सकता है कि केजरीवाल को लग रहा हो कि लगातार पांच...

  • आम आदमी पार्टी के मन लायक नतीजे

    हरियाणा विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने बहुत खराब प्रदर्शन किया है। उसने 89 सीटों पर चुनाव लड़ा था और सभी सीटों पर उसकी जमानत जब्त हो गई है। हालांकि पिछले  बार के मुकाबले उसके प्रदर्शन में सुधार हुआ है। पिछली बार उसको आधा फीसदी वोट मिला था, जबकि इस बार वह करीब 1.80 फीसदी वोट लेने में कामयाब रही है। इतना ही नहीं, उसने पांच विधानसभा सीटों पर इतने वोट काटे, जिससे कांग्रेस हार गई। यानी जैसे 10 निर्दलीय उम्मीदवारों ने कांग्रेस के वोट काट कर उसको हराया उसी तरह आम आदमी पार्टी ने पांच सीटों पर कांग्रेस...

  • केजरीवाल को कौन ऑफर दे रहा था?

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फिर कहा है कि जब वे जेल में थे या उससे पहले जब केंद्रीय एजेंसियों की पूछताछ चल रही थी तब उनके ऊपर दबाव डाला जा रहा था और बार बार कहा जा रहा था कि वे एनडीए में शामिल हो जाएं। पहले केजरीवाल और उनकी पार्टी की ओर से दावा किया जा रहा था कि उनको भाजपा में शामिल करने का प्रयास हो रहा है। अब वे कह रहे हैं कि उनकी पार्टी को एनडीए में शामिल होने के लिए कहा गया। उन्होंने यह भी कहा कि मनीष सिसोदिया को भी बार बार...

और लोड करें