air pollution

  • एनसीआर में वायु प्रदूषण ने तोड़ा कई दिनों का रिकॉर्ड, एक्यूआई 500 के करीब

    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण ने बीते कई दिनों के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद सहित पूरे एनसीआर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। कई इलाकों में एक्यूआई 450 से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि कुछ स्थानों पर यह 500 के करीब पहुंचता नजर आया।   प्रदूषण की भयावह स्थिति के चलते पूरा एनसीआर मानो गैस चैंबर में तब्दील हो गया है। दिल्ली के हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। दिल्ली के अधिकांश मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एक्यूआई ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। आनंद विहार में एक्यूआई 461, अशोक विहार...

  • प्रदूषण स्थायी समस्या है

    एक पुरानी कहावत है, ‘खाया पिया कुछ नहीं गिलास फोड़ा बारह आना।’ प्रदूषण के मामले में वही हाल भारत का है। लंदन से लेकर बीजिंग तक दुनिया भर के देशों की राजधानियों और दूसरे शहरों में एक समय प्रदूषण का साया रहा लेकिन वह इसलिए रहा क्योंकि उन देशों और शहरों में औद्योगिक विकास हो रहा था। लंदन में प्रदूषण का संकट पहली औद्योगिक क्रांति के बाई प्रोडक्ट की तरह आया। बाद में इन शहरों ने प्रदूषण दूर भी कर लिया। लेकिन भारत में कोई औद्योगिकीरण नहीं हुआ लेकिन प्रदूषण चौतरफा फैल गया। अगर उद्योग धंधे लगते, औद्योगिक विकास हो...

  • व्यवस्था बिगड़ती जाएगी

    और भीड़ भेड़ बकरियों वाली हैसियत की है तो उसके साथ ट्रीटमेंट भी वैसा ही है। दो उदाहरण हैं। मध्य प्रदेश में देश के सबसे स्वच्छ शहर का कई बरसों से अवार्ड जीत रहे इंदौर में दूषित पानी पीने से एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हुई। साल का अंत और नए साल की शुरुआत इसी खबर से हुई है। पता नहीं चल पा रहा है कि पीने के पानी की सप्लाई में जहरीला पानी कहां से मिक्स हुआ। लेकिन खबर है कि दो महीने से लोग पानी के दूषित होने की शिकायत कर रहे थे। पानी से बदबू...

  • प्रदूषण कम करने के बेमानी उपाय

    दिल्ली की सरकारें हर साल सर्दियों में प्रदूषण से वैसे ही लड़ती हैं, जैसे अभी रेखा गुप्ता की सरकार लड़ रही है। इसमें कुछ भी नया नहीं है और कुछ भी ऐसा नहीं है, जिससे कुछ हासिल हो सके। यह सारी कवायद पहले भी बेकार साबित हुई हैं और अब भी बेमानी ही हैं। फर्क इतना है कि साल के साथ साथ इसके प्रचार की तीव्रता बढ़ती जा रही है। मीडिया की कवरेज बढ़ती जा रही है। अदालतों की सक्रियता और उनका दखल बढ़ रहा है। इतना सब कुछ होने के बावजूद वायु प्रदूषण की स्थिति में रत्ती भर भी...

  • सर्दियों में तब खेलकूद बंद रखे?

    लखनऊ में जो हुआ उसको दिल्ली सरकार के धुंआसे व कुहासे से समझते हैं। दो महीने से दिल्ली में वायु गुणवत्ता के लगातार गिरने, और सूचकांक के तेजी से बढ़ने की खबरें आ रही थीं। ऐसे में सरकार के कुछ न कर पाने का खामियाजा दिल्ली के स्कूल और उसमें पढ़ने वाले बच्चों को भुगतना पड़ा। बच्चों पर स्कूल की सीमेंट दीवारों से निकल कर पेड़-पौधों के खुले वातावरण में खेलने पर पाबंदी लग गयी। लखनऊ के एकाना स्टेडियम पर होने वाला भारत और दक्षिण अफ्रीका का बीसमबीस मैच धुआंसे, जहरीली हवा व अपर्याप्त रौशनी के कारण रद्द हुआ।  मैदान...

  • दिल्ली में चारों तरफ धुआं ही धुआं

    नई दिल्ली। गुरुवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई के आंकड़ों में थोड़ा सुधार बताया गया लेकिन लगभग पूरे दिन दिल्ली में धुंध छाई रही। चारों तरफ धुआं ही धुआं दिखता रहा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक एक्यूआई दिल्ली में तीन सौ के करीब रही और एनसीआर के दूसरे शहरों में भी तीन से साढ़े तीन सौ के बीच एक्यूआई दर्ज की गई। लेकिन ठंड बढ़ने के साथ ही दिल्ली में कोहरा भी बढ़ गया है और यमुना एक्सप्रेस वे पर कोहरे के कारण गुरुवार को बड़ा हादसा भी हुआ। गुरुवार से तेज सर्द हवाएं चलनी शुरू हो गई...

  • वायु प्रदूषण वास्तविक आपदा है

    राजधानी दिल्ली और राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर का हर शहर वायु प्रदूषण की आपदा का शिकार है। यह अलग बात है कि सरकार इसे आपदा स्वीकार करने को तैयार नहीं है। संसद के शीतकालीन सत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में बताया कि ऐसा कोई आंकड़ा देश में उपलब्ध नहीं है, जो किसी बीमारी या मृत्यु को सीधे तौर पर वायु प्रदूषण से जोड़ सके। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को सांस से संबंधित जो बीमारियां हो रही हैं उनमें हो सकता है कि एक कारण वायु प्रदूषण हो। इस तरह सरकार ने पल्ला झाड़ लिया...

  • हम अपना पैमाना खुद!

    वैश्विक सूचकांकों को तैयार करने में सरकारी एजेंसियां शामिल नहीं होतीं, इसीलिए उनकी साख है। आखिर ऐसी सरकारों के प्रतिमानों की क्या विश्वसनीयता हो सकती है, जो हकीकत छिपाने और आंकड़ों में हेरफेर करने के लिए बदनाम हों? आईने में सूरत खराब नजर आए, तो आईना ही हटा दिया जाए- भारत की बागडोर जिन लोगों के हाथ में है, उनका यह नजरिया अब खतरनाक हद पार कर रहा है। नजरिया इस हद तक पहुंच गया है कि बीमारी बताने वाली जांच रिपोर्ट तक को ठुकराया जाने लगा है। इसकी मिसाल बीते हफ्ते संसद में देखने को मिली, जब सरकार ने...

  • दिल्ली में एक्यूआई पांच सौ तक पहुंचा

    नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति खतरनाक हो गई है। हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। रविवार को कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई पांच सौ तक पहुंच गया। औसत एक्यूआई 497 दर्ज किया गया, जिसके बाद और सख्ती लागू कर दी गई है। दिल्ली में ग्रेडड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी ग्रैप का चौथा चरण लागू कर दिया गया है। दिल्ली और एनसीआर की सभी राज्य सरकारों को आदेश दिया है कि सभी स्कूलों और संस्थानों में बाहर होने वाली खेल गतिविधियों को तुरंत रोका जाए। आयोग ने चेतावनी दी...

  • राहुल ने उठाया प्रदूषण का मुद्दा

    नई दिल्ली। कई दिन के हंगामे और वंदे मातरम व चुनाव सुधार पर चर्चा के बाद आखिरकार वायु प्रदूषण के मुद्दे का नंबर आया। शीतकालीन सत्र के दूसरे हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार को राहुल गांधी ने देश में बढ़ते वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह देश के ज्यादातर बड़े शहरों की समस्या है। सरकार ने उनकी बात पर सहमति जताते हुए कहा कि वह हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि चर्चा के लिए अभी कोई समय तय नहीं हुआ है। राहुल गांधी ने शुक्रवार को वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाते हुए कहा, 'हमारे...

  • दिल्ली में हवा जहरीली, 450 के पार

    नई दिल्ली । सर्दी शुरु होते ही दिल्ली–एनसीआर की हवा फिर जहरीली हो गई है। शनिवार सुबह जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के अनुसार दिल्ली के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा AQI 300 से 430 के मध्य खराब थी।  इससे भी अधिक खतरनाक स्तर पर नोएडा और गाजियाबाद में प्रदूषण था। डॉक्टरों ने लोगों को सुबह और देर शाम खुली हवा में निकलने से बचने और बाहर जाते समय मास्क पहनने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार वाहन प्रदूषण, निर्माण कार्य, औद्योगिक धुआं, कूड़ा जलाना और मौसम में नमी—इन सबके कारण हवा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है। विशेषज्ञों...

  • प्रदूषण पर अदालत ने मांगा जवाब

    नई दिल्ली राजधानी दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ने के मसले पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सर्वोच्च अदालत ने इस मामले में पंजाब और हरियाणा की सरकारों से जवाब मांगा है। गौरतलब है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई चार सौ से ऊपर हो गया है और गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। इसके खतरनाक स्तर पर जाने के बाद बुधवार को सर्वोच्च अदालत ने सुनवाई की और पंजाब व हरियाणा सरकारों से रिपोर्ट मांगी है कि पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। सुनवाई के दौरान...

  • दिल्ली में साफ हवा के लिए प्रदर्शन

    यह संभवतः पहली बार हुआ कि दिल्ली के लोग साफ हवा के लिए सड़क पर उतरे। पानी के लिए तो प्रदर्शन होते रहे थे। हालांकि वह भी साफ पानी के लिए प्रदर्शन अभी तक नहीं हुआ है। अभी तो किसी तरह से पानी के लिए प्रदर्शन होते हैं। पहली बार रविवार, नौ नवंबर को बड़ी संख्या में लोग साफ हवा के लिए प्रदर्शन करने उतरे। सैकड़ों की संख्या में लोग इंडिया गेट पर जमा हुए और उन्होंने वायु प्रदूषण को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर पुलिस ने पहुंच कर लोगों को वहां से हटाया। कुछ लोगों को...

  • भारत अब विरोध नहीं करता

    और इसलिए नहीं क्योंकि हम एक संतुष्ट, आत्मसंतोषी देश बन चुके हैं बल्कि इसलिए कि हम विरोध करना ही भूल गए हैं।पिछले एक हफ़्ते से ज़्यादा समय से दिल्ली अपनी ही हवा में घुट रही है। कुछ चिंतित नागरिकों ने इसलिए इंडिया गेट पर एकत्र होकर विरोध दर्ज करने का निर्णय लिया। यह प्रदर्शन तमाशा नहीं था, एक वक्तव्य था सोच-समझकर किया गया, शांति में दृढ़, और अपने संदेश में तात्कालिक। न कोई नारे, न सड़कें जाम। बस चुपचाप उठे हुए पोस्टर, जिन पर सवाल स्याही से लिखे थे: “हम सांस क्यों नहीं ले पा रहे?”, “ज़िम्मेदार कौन है?”, “नीति...

  • मुसीबत बताना जुर्म है!

    संभवतः सरकार की निगाह में उससे असहमत या उसकी नाकामियों पर बात करने वाली हर आवाज अवैध है, इसलिए प्रदूषण पर बेफिक्री के खिलाफ इंडिया गेट पर जुटे महिलाओं और बुजुर्गों तक को पुलिस जबरन अपनी बसों में ले गई। दिल्ली में जहरीली हुई हवा पर सरकारी बेफिक्री के खिलाफ नई दिल्ली में इंडिया गेट के पास इकट्ठा हुए नागरिकों से पुलिस ने वैसा ही सलूक किया, जैसा इस दौर में किसी भी विरोध प्रदर्शन के साथ किया जाता है। संभवतः भारत सरकार की निगाह में उससे असहमत या उसकी नाकामियों पर बात करने वाली हर आवाज अवैध है, इसलिए...

  • अजीब ये नजरिया है

    क्या उससे इस बात से परदा हटेगा कि दिवाली को- जिस रोज एक्यूआई के अति असामान्य स्तर तक जाता रहा है- अधिकांश मशीनें बंद क्यों थीं? और क्या सचमुच मशीनों के पास जल छिड़काव कर स्थिति बेहतर दिखाने की कोशिश हुई? आरोप पहले से लग रहे थे। अब ये बात सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में भी दर्ज हो गई है। बात अदालत की तरफ से नियुक्त न्यायमित्र ने बताया कि दिवाली के दिन दिल्ली में प्रदूषण की निगरानी करने वाले 37 में सिर्फ नौ केंद्र काम कर रहे थे। यानी 28 केंद्र या तो बंद थे या उन्हें बंद कर...

  • आंकड़े छिपाने से हकीकत नहीं बदलती

    हर साल नवंबर, दिसंबर में दिल्ली में हिंदी फिल्मों का यह गाना खूब चर्चा में रहता है कि ‘आंखों में जलन, सीने में तूफान सा क्यूं है, इस शहर में हर शख्स परेशान सा क्यूं है’। इस साल भी ऐसा ही है। आंखों में जलन है, गले में खराश है, सीने में तूफान सा है, अस्पतालों  में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है लेकिन फर्क यह है कि इस बार सरकार के आंकड़े बता रहे हैं कि हवा की गुणवत्ता ज्यादा खराब नहीं हुई है। दिल्ली में नंगी आंखों से हवा प्रदूषित दिख रही है और लोग उसे...

  • दिल्ली की हवा तीन दिन बाद भी नहीं सुधरी

    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में दिवाली के तीन दिन बाद भी हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ। गुरुवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बनी रही। आंकड़ों में दिख रहा है कि दिवाली के बाद हवा की गुणवत्ता तेजी से खराब हुई है और हवा नहीं चलने की वजह से इसमें कमी नहीं आ रही है। इस बीच आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि भाजपा की सरकार ने दिवाली की रात का एक्यूआई का डाटा छिपा लिया। बहरहाल, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी सीपीसीबी के मुताबिक, गुरुवार की सुबह छह बजे दिल्ली का...

  • दीपावली से पहले एनसीआर में वायु प्रदूषण ने तोड़े रिकॉर्ड

    दीपावली से ठीक पहले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक होता जा रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 300 के पार पहुंच गया है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में माना जाता है।   कुछ क्षेत्रों में तो स्थिति इतनी खराब है कि एक्यूआई ने लाल निशान को भी पार कर लिया है। नोएडा के विभिन्न इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर काफी ऊंचा दर्ज किया गया। सेक्टर-62 में एक्यूआई 244, सेक्टर-1 में 286, जबकि सेक्टर-116 में 290 तक पहुंच गया। सबसे खतरनाक स्थिति सेक्टर-125...

  • कानूनों से वायु प्रदूषण खत्म नहीं होना!

    delhi air pollution : देश भर के पुलिस थानों के बाहर या उनसे सटे मैदानों में दुर्घटनाग्रस्त या किसी अपराध में शामिल गाड़ियों के ढेर भी कोई अच्छा दृश्य नहीं देते। इन वाहनों के कारण सड़कों पर जाम भी लग जाता है जिसके कारण भी वायु प्रदूषण को बढ़ावा मिलता है। जाम की बात ही करें तो दिल्ली जैसे शहर में ऐसी कई महत्वपूर्ण सड़कें हैं जो चौड़ी तो अवश्य हैं लेकिन समय-समय पर रखरखाव न हो पाने के कारण ख़स्ता हाल में हैं। दिल्ली की नवनिर्वाचित सरकार ने सत्ता सँभालते ही कई कड़े निर्णय लेने शुरू कर दिये हैं।...

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