bhupinder singh hooda

  • हुड्डा के आगे फिर झुकेगा कांग्रेस आलाकमान!

    ऐसा लग रहा है कि हरियाणा में विधायक दल के नेता का फैसला होने वाला है। जानकार सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान एक बार फिर भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सामने झुकने को तैयार हो गया है। हुड्डा लगातार तीसरी बार नेता विपक्ष बन सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह भी एक रिकॉर्ड होगा। भूपेंद्र सिंह हुड्डा 2005 से यानी पिछले 20 साल से लगातार कांग्रेस विधायक दल के नेता चुने जा रहे हैं। पहले 10 साल वे मुख्यमंत्री रहे और उसके बाद 10 साल वे नेता प्रतिपक्ष रहे। कहा जा रहा है कि एक कार्यकाल के लिए और...

  • सिद्धू, हुड्डा दोनों स्टार प्रचारक नहीं

    Delhi election: दिल्ली में कांग्रेस ने 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। इसमें शामिल कई नाम चौंकाने वाले हैं लेकिन जो नाम नहीं शामिल किए गए वो ज्यादा चौंकाने वाले हैं। पंजाब कांग्रेस के नेता और जाने माने क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू को कांग्रेस ने स्टार प्रचारक नहीं बनाया है। पिछले दिनों सिद्धू ने दिल्ली में प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की थी और सोशल मीडिया में प्रियंका को आइरन लेडी जैसा बता कर उनकी खूब तारीफ की थी। तब माना जा रहा था कि उनका पुनर्वास हो सकता है। हालांकि अब भी हो सकता है कि पंजाब...

  • हरियाणा में हुड्डा का इंतजार

    हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupinder Singh Hooda का इंतजार लंबा होता जा रहा है। कांग्रेस के बड़े नेता इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि भाजपा एक हफ्ते से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का फैसला नहीं कर पाई लेकिन खुद कांग्रेस डेढ़ महीने से ज्यादा हो जाने के बावजूद अभी तक हरियाणा में नेता विपक्ष नहीं नियुक्त कर पाई है। हरियाणा के चुनाव नतीजे आठ अक्टूबर को आए थे। उसके बाद से नेता विपक्ष की नियुक्ति के प्रयास हो रहे हैं। चुनाव में कांग्रेस जीत नहीं सकी लेकिन बहुत मजबूत विपक्ष के तौर...

  • पांच साल और लड़ने को तैयार हैं हुड्डा

    भूपेंद्र सिंह हुड्डा मैदान नहीं छोड़ने वाले हैं। कांग्रेस आलाकमान और उसके आसपास के कुछ नेताओं को ऐसा लग रहा था कि इस बार की हार का उनको सदमा लगा है और शायद खुद ही हुड्डा किनारे हो जाएं। यह भी माना जा रहा था कि इस बार की हार के बाद हुड्डा का राजनीतिक और नैतिक बल कम हुआ है तो उनको हाशिए में डाला जा सकता है। नतीजों के बाद कुछ दिनों तक ऐसे हालात दिख भी रहे थे। ऐसा लग रहा था कि हुड्डा अवसाद में चले गए हैं। लेकिन अब सारी चीजें बदल गई हैं। नतीजों...

  • अकेले हुड्डा सबके निशाने पर

    हरियाणा के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा सबके निशाने पर हैं। हरियाणा में कांग्रेस के जितने भी नेता हैं, सब हार के लिए हुड्डा को जिम्मेदार बता रहे हैं। कुमारी सैलजा ने तो नतीजों के तुरंत बाद एक तरह से कांग्रेस की हार पर खुशी मनाते हुए हुड्डा पर हमला किया। बाद में रणदीप सुरजेवाला ने भी सवाल उठाया और चुनाव लड़ने वाले शमशेर सिंह गोगी जैसे नेताओं ने भी हुड्डा पर हमला किया। सोचें, रणदीप सुरजेवाला पूरे चुनाव में कैथल की अपने बेटे की सीट से बाहर नहीं निकले, लेकिन वे भी हुड्डा पर हमला कर...

  • नेताओं का आपसी झगड़ा भारी पड़ा

    कांग्रेस को नेताओं का आपसी झगड़ा भी भारी पड़ा है। राहुल गांधी और उनकी टीम चुनाव नतीजों से पहले इसी का श्रेय लेने में रह गई कि हरियाणा में कांग्रेस की मजबूती राहुल के कारण है। पूरे प्रचार में इसकी कोशिश होती रही कि हुड्डा की बजाय राहुल को श्रेय मिले। और चुनाव के बाद राहुल तय करें कि कौन मुख्यमंत्री होगा। इसका नतीजा यह हुआ है कि जमीनी स्तर पर हुड्डा बनाम सैलजा बनाम रणदीप सुरजेवाला का विवाद सुलझा नहीं। सब अपनी अपनी राजनीति करते रहे। सब मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी करते रहे। दूसरी ओर भाजपा ने कोई विवाद...

  • हुड्डा पर अति निर्भरता का भी नुकसान

    कांग्रेस पार्टी का सामाजिक समीकरण भूपेंद्र सिंह हुड्डा की वजह से भी बिगड़ा। कांग्रेस उनके ऊपर बहुत ज्यादा निर्भर हो गई थी। टिकट बंटवारे से लेकर प्रचार तक में हर जगह भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा दिख रहे थे। कांग्रेस ने उनको मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित नहीं किया था लेकिन हरियाणा के मतदाताओं में यह मैसेज था कि कांग्रेस की सरकार बनी तो हुड्डा मुख्यमंत्री होंगे। इससे जाट मतदाताओं में तो उत्साह था लेकिन गैर जाट वोटों की अंदर अंदर गोलबंदी भी शुरू हो गई थी। पहलवानों के प्रदर्शन और उनके लेकर पूरे प्रदेश में घूमने का...

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