BMC election

  • एकनाथ शिंदे तगड़ा मोलभाव करेंगे

    मुंबई में मेयर तो भाजपा का ही बनेगा लेकिन उसके लिए एकनाथ शिंदे को मनाने में भाजपा को बड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। खासतौर से मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को। फड़नवीस स्विट्जरलैंड के दावोस गए हैं, जहां उनको विश्व आर्थिक मंच की बैठक में हिस्सा लेना है। वहां से लौटने के बाद मुंबई और अन्य शहरों में मेयर का फैसला होगा। उससे पहले शिंदे ने अपने 29 पार्षदों को मुंबई के ताज लैंड्स एंड होटल में शिफ्ट कर दिया है। होटल के बाहर पहरा है और बताया जा रहा है कि वही पर पार्षदों की बैठक होगी और वे अपना नेता चुनेंगे।...

  • कांग्रेस की हालत सबसे बुरी

    बृहन्नमुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी के चुनाव में सबसे खराब स्थिति कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगी की है। कांग्रेस को चुनाव से ऐन पहले उद्धव ठाकरे की शिव सेना ने छोड़ दिया। उसने राज ठाकरे से तालमेल कर लिया। शरद पवार की एनसीपी ने भी कांग्रेस को छोड़ दिया। उसने तो पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ा में भाजपा की सहयोगी अजित पवार की एनसीपी के साथ तालमेल कर लिया है। मुंबई में भी शरद पवार की एनसीपी का तालमेल उद्धव और राज ठाकरे की पार्टियों के साथ है। कहा जा रहा है कि उद्धव ठाकरे की शिव सेना करीब डेढ़ सौ सीटों...

  • बीएमसी चुनाव कांग्रेस अकेले लड़ेगी

    मुंबई। महाराष्ट्र में शहरी निकाय चुनावों से पहले विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी में दरार आ गई है। कांग्रेस पार्टी ने बृहन्मुंबई नगर निगम यानी बीएमसी चुनाव में गठबंधन से अलग होने का ऐलान किया है। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी रमेश चेन्निथला ने कहा है कि पार्टी बीएमसी में अकेले चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय के चुनाव जमीनी स्तर पर होते हैं और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। रमेश चेन्निथला ने कहा, ‘लोकसभा और विधानसभा चुनाव हम महाविकास अघाड़ी के साथ मिलकर लड़े थे, लेकिन चूंकि यह स्थानीय चुनाव है,...

  • कांग्रेस के मुंबई में अकेले लड़ने से खलबली

    मुंबई। बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने का कांग्रेस ने निर्णय किया है।  इस कदम ने महा विकास आघाडी (एमवीए) के भीतर वैचारिक मतभेद भी उजागर कर दिए हैं। जानकारों के अनुसार कांग्रेस का फैसला उत्तर भारतीय और मुस्लिम मतदाताओं की चिंता में किया है। इस फैसले से महाराष्ट्र कांग्रेस के भीतर भी आंतरिक मतभेद सामने आ गए हैं। पार्टी के एक वर्ग का कहना है कि क्षेत्रीय राजनीतिक गतिशीलता को देखते हुए चुने हुए स्थानीय निकायों में राज ठाकरे की मनसे के साथ गठबंधन पर विचार किया जाना चाहिए था, जबकि दूसरे वर्ग ने ऐसे किसी भी सहयोग का विरोध किया।...

  • बीएमसी चुनाव में कांग्रेस की दुविधा

    देश के सबसे धनी नगर निकाय बृहन्नमुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी का चुनाव होने वाला है। कई बरसों तक स्थगित रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अगले महीने जनवरी या फरवरी में चुनाव होना है। यह चुनाव वैसे तो सभी पार्टियों के लिए बहुत अहम होता है लेकिन ठाकरे परिवार की जान बसती है बीएमसी में। शिव सेना की बनाई पार्टी का मूल आधार ही बीएमसी और मुंबई के पार्षद हैं। तभी उद्धव ठाकरे ने बहुत पहले से चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। वे कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी के साथ महाविकास अघाड़ी में शामिल हैं।...

  • तीन साल के बाद बीएमसी चुनाव

    आखिरकार बृहन्नमुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी का चुनाव होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह चार महीने के भीतर चुनाव कराए। उससे पहले स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़ी जातियों यानी ओबीसी के आरक्षण के नाम पर चुनाव टल रहा था। सोचे, देश की वित्तीय राजधानी का शहरी निकाय, जो देश का सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा बजट वाला शहरी निकाय है उसका चुनाव पिछले तीन साल से नहीं हो रहा था। पहले कोरोना के नाम पर चुनाव में थोड़ी देरी हुई। लेकिन उसके बाद एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फड़नवीस सरकार ने...

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